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‘प्रधानमंत्री ने देश को ईमानदारी से संबोधित करने के बजाय उसे गुमराह करना चुना…’ CM ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर पलटवार

CM Mamata Banerjee Hits Back at PM Modi : पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर कांग्रेस, टीएमसी और सपा समेत पूरे विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जो इस बिल का विरोध कर पाप किया है। उन्हें, इसकी सजा जरूर मिलेगी। इस पर पलटवार करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

By Abhimanyu 
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CM Mamata Banerjee Hits Back at PM Modi : पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की जनता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर कांग्रेस, टीएमसी और सपा समेत पूरे विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जो इस बिल का विरोध कर पाप किया है। उन्हें, इसकी सजा जरूर मिलेगी। इस पर पलटवार करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने देश को ईमानदारी से संबोधित करने के बजाय उसे गुमराह करना चुना। मैं इस बात को रिकॉर्ड पर लाना चाहता हूँ। तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए उच्च राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वकालत की है। संसद और राज्य विधानमंडल, दोनों में ही हमारे पास चुनी हुई महिला प्रतिनिधियों का अनुपात सबसे अधिक है। लोकसभा में, हमारे चुने हुए सदस्यों में से 37.9% महिलाएँ हैं। राज्यसभा में, हमने 46% महिला सदस्यों को नामित किया है। महिला आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही पैदा नहीं होता, और न ही कभी हुआ है।”

उन्होंने आगे लिखा, “हम जिस बात का मूल रूप से विरोध करते हैं, वह है परिसीमन की वह प्रक्रिया जिसे मोदी सरकार अपने निहित राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को ढाल बनाकर लागू करने की साज़िश रच रही थी। हम जिस बात का मूल रूप से विरोध करते हैं, वह है बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान में बदलाव, इस राष्ट्र का विभाजन, और ‘जेरीमैंडरिंग’ (चुनावी क्षेत्रों की मनमानी सीमाबंदी) के ज़रिए सत्ता पर कब्ज़ा करना—जिसमें राजनीतिक सीमाओं को इस तरह से फिर से खींचा जाता है कि दूसरों की कीमत पर BJP-शासित राज्यों को ज़्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके। यह संघीय लोकतंत्र पर एक हमला है। और हम इसे चुपचाप होते हुए नहीं देखेंगे।”

महिला आरक्षण बिल को लेकर टीएमसी प्रमुख ने आगे लिखा, “अगर यह सरकार सचमुच इस नेक काम को लेकर गंभीर थी, तो 28 सितंबर, 2023 को महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद इसने लगभग तीन साल तक इंतज़ार क्यों किया? जब कई राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, तो इसे इतनी जल्दबाज़ी में क्यों पास किया गया? और इसे परिसीमन (Delimitation) से क्यों जोड़ा गया? तृणमूल कांग्रेस दशकों से महिलाओं के साथ खड़ी रही है। हम आगे भी ऐसा करते रहेंगे। लेकिन हम ऐसे विषय पर किसी का उपदेश नहीं सुनेंगे, जिसे न तो सत्ताधारी दल समझता है और न ही उसका सम्मान करता है।”

ममता बनर्जी ने लिखा, “और प्रधानमंत्री जी, अगली बार जब आप राष्ट्र को संबोधित करें, तो इतनी हिम्मत दिखाइएगा कि आप संसद के पटल से ऐसा करें—वह जगह जहां आपकी बातों की जांच-परख होती है, जहाँ आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और जहाँ आपको अपनी जवाबदेही निभानी पड़ती है। कल आपने जो किया, वह कायरतापूर्ण, पाखंड भरा और दोमुँहापन था। आप महसूस कर रहे हैं कि सत्ता आपके हाथों से फिसलती जा रही है। और आप बस कुछ और समय तक सत्ता पर काबिज़ रहने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। यह सब बस इतना ही था।”

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