1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. चार अंक कम आएंगे तो चलेगा, पर हमारे खून में भरी होनी चाहिए देशभक्ति , ऐसी शिक्षा बेईमानी जो बना दे आतंकवादी : राज्यपाल

चार अंक कम आएंगे तो चलेगा, पर हमारे खून में भरी होनी चाहिए देशभक्ति , ऐसी शिक्षा बेईमानी जो बना दे आतंकवादी : राज्यपाल

यूपी के बरेली​ जिले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय (Rohilkhand University) के अटल सभागार में गुरुवार को आयोजित 23वें दीक्षांत समारोह (23rd Convocation) में कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) ने मेधावियों और पीएचडी धारकों को सम्मानित किया। उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मेधावियों को देशभक्ति का संदेश भी दिया।

By santosh singh 
Updated Date

बरेली। यूपी के बरेली​ जिले में रुहेलखंड विश्वविद्यालय (Rohilkhand University) के अटल सभागार में गुरुवार को आयोजित 23वें दीक्षांत समारोह (23rd Convocation) में कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) ने मेधावियों और पीएचडी धारकों को सम्मानित किया। उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मेधावियों को देशभक्ति का संदेश भी दिया। राज्यपाल ने दिल्ली में आतंकी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आज पढ़े-लिखे लोग भी आतंकवादी प्रवृत्ति में शामिल हो रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि चार अंक कम आएंगे तो चलेंगे, लेकिन देशभक्ति हमारे खून में भरी होना चाहिए। ऐसी शिक्षा का कोई अर्थ नहीं रह जाता है, जो हमारे विचार पलट दे।

पढ़ें :- Video-हरदोई रोडवेज बस स्टैंड पर बड़ा हादसा,दो बसों के बीच पिसकर महिला की मौत, 10 साल पहले पति ने भी ऐसे ही हादसे में गंवाई थी जान

आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने कहा कि दिल्ली में घटना हुई है। पहली बार यह हुआ, जिसमें पढ़े-लिखे लोग आतंकवादी प्रवृत्ति में शामिल हुए। डॉक्टर, इंजीनियर शामिल हुए। क्या पढ़े होंगे वे लोग। उन लोगों ने क्या पढ़ाया होगा। लोगों को पता ही नहीं चला। सरकारों को भी पता नहीं चला। आतंकवादियों की मंशा भारत का उड़ा देने की थी। ऐसे लोगों से हमें लड़ना है। देश को बचाना है। इसलिए हमें चारों ओर दृष्टि रखनी पड़ेगी। सभी की गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ेगी।

राज्यपाल ने कहा कि भारत आगे बढ़ रहा है। दुनिया के कई देशों को पसंद नहीं होगा। ऐसे विचार वाले लोग आतंकवादी प्रवृत्ति में शामिल हुए हैं। जो अध्यापक पढ़ाते थे, वही उसी में शामिल हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि चार अंक कम आएंगे तो चलेंगे, लेकिन देशभक्ति हमारे खून में भरी होनी चाहिए। आज लोग छोटी-छोटी चीजों के लिए लड़ रहे हैं। जेल में कई लोग बंद हैं, क्या वे शिक्षित हैं।

मेधावियों को बताए सफलता के सूत्र

राज्यपाल ने कहा कि जीवन स्वयं निरंतर सीखने की यात्रा है। सीखना केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह विचार, अनुभव और व्यवहार की निरंतर साधना है। अर्जित ज्ञान को समाज के कल्याण, मानवता के उत्थान और राष्ट्र के निर्माण में लगाना चाहिए। अपने सपने को जीवित रखिए। अपनी आंकाक्षाओं को ऊचाइयों तक ले जाइए। बड़ा सोचिए, सशक्त संकल्प कीजिए और कर्म को अपना धर्म बनाइए। यही सफलता के सूत्र हैं।

पढ़ें :- लखनऊ की मशहूर "शर्मा जी की चाय" के मालिक का बेटा हर्ष फायरिंग केस में गिरफ्तार

‘निरंतर नई ऊचाइयां छू रहीं छात्राएं’

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel)  ने कहा कि छात्राएं शिक्षा और अनुसंधान में निरंतर नई ऊचाइयां छू रही हैं। शिक्षा के प्रतिस्पर्धा के दौर में संतुलन की स्थिति बने रहे हैं। छात्र और छात्राओं दोनों को समान अवसर, प्रोत्साहन और संसाधन प्राप्त हों। यही समाज के संतुलित विकास की पहचान है। सबको समान अवसर और संसाधन मिलते हैं, लेकिन छात्रों से छात्राएं आगे निकल रही हैं। मुझे तो खुशी होगी, क्योंकि महिलाएं आगे बढ़ें, लेकिन छात्रों को भी पीछे नहीं रहना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के तरफ से आरंभ की गई नई पहल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड अपने आप में एक प्रेरक परंपरा का सूत्रपात है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार का चयन सराहनीय है।

 

पढ़ें :- Breaking News -ओबरा पावर प्लांट की दोनों यूनिट ठप, यूपी के कई जिलों में छाएगा अंधेरा
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...