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हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे: केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि, हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है। युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

By शिव मौर्या 
Updated Date

CJP Parliament March:  शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े। इन सबके बीच खबर आ रही है कि, सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है।

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इस बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि, हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है। युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, NEET पेपर लीक की वजह से 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। Sonam Wangchuk जी 21 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। लेकिन देश के प्रधानमंत्री अपने आवास से महज़ 3 किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं से मिलने और उनकी बात सुनने तक नहीं पहुंचे। आखिर देश के युवाओं की आवाज़ से इतनी दूरी क्यों?

वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? किसकी साख दांव पर लगी है? तैयारी किसे करनी थी? आप ‘विश्वगुरु’ बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया ‘अमृत काल’ में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते… आपने नौकरियां या रोज़गार नहीं दिया। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए… जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज़ उनकी बात सुनते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया। जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं – उम्मीद है कि सरकार को अंत में ‘सम्मानजनक विदाई’ न मिल जाए।

 

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