ग्रह मंडल में बुध ग्रह को बुद्धि, संचार और भावनाओं के बीच एक अनूठा संतुलन बनाने वाला माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है।
Budh Gochar 2026 : ग्रह मंडल में बुध ग्रह को बुद्धि, संचार और भावनाओं के बीच एक अनूठा संतुलन बनाने वाला माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। जातक की कुंडली में बुध की उपस्थिती अनूठा संतुलन बनाने वाली मानी जाती है। बुध ग्रह जातक की कुंडली में बुद्धि, तर्क, संचार, वाणी, शिक्षा, और व्यापार का कारक माना जाता है।
।ब्वहीं बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। कन्या राशि में यह उच्च का और मीन राशि में नीच का माना जाता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, बुध ग्रह ने 22 जून की दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर बुध कर्क राशि में गोचर किया है।
आइए जानें राशियां पर बुध का गोचर कैसे प्रभावित करेगा।
मिथुन
बुध इस राशि के स्वामी हैं। कर्क राशि में गुरु और शुक्र की युति से मिथुन राशि वाले जातकों का बुद्धि और ज्ञान (Intellect and Knowledge) का द्वार खुलेगा, जिससे रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। छात्रों के लिए यह समय बहुत ही प्रभावशाली है। संचार कौशल बेहतरीन रहेगा।
कर्क
सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखना होगा। हालांकि, आर्थिक दृष्टि यह समय सकारात्मक रहेगा. विदेशी स्रोतों, विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े कार्यों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।
सिंह
बुध का गोचर सिंह राशि वालों के बारहवें भाव में होगा, जो खर्च, विदेश, एकांत, शोध और मानसिक चिंतन से जुड़ा होता है। आर्थिक योजना बनाकर चलना बेहद जरूरी रहेगा. अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं।
कन्या
बुध कन्या राशि वालों के ग्यारहवें भाव में होगा । आपकी कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है। लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी।