नातनधर्म में शुभ अशुभ का विचार कर और मुहूर्त देख कर कार्य करने की परंपरा है। इसी प्रकार पांच दिनों की विशेष अवधि पंचक में कुछ शुभ कार्यों की मनाही होती है।
Panchak In July 2026 : सनातनधर्म में शुभ अशुभ का विचार कर और मुहूर्त देख कर कार्य करने की परंपरा है। इसी प्रकार पांच दिनों की विशेष अवधि पंचक में कुछ शुभ कार्यों की मनाही होती है। ज्योतिष शास्त्र में पंचक की तिथि को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस बार जुलाई माह में पंचक का साया रहेगा।
पंचक
जब कुंभ और मीन राशि पर चंद्रमा गोचर करता है तो उस पांच दिनों की अवधि को पंचक कहा जाता है। जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तो पंचक बनता है। जुलाई 2026 में एक नहीं, बल्कि दो बार पंचाक का साया रहेगा। पंचक के समय को मांगलिक कामों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ विशिष्ट कार्यों को करने से अग्निभय, चोरभय, रोगभय और धनहानि की आशंका रहती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आने वाले महीने में दो बार पंचक का योग बन रहा है
पहला पंचक: 3 जुलाई 2026 (रात 12:48 बजे से) से शुरू होकर 8 जुलाई 2026 (शाम 04:00 बजे) तक रहेगा।
दूसरा पंचक: 31 जुलाई 2026 (सुबह 06:38 बजे) से शुरू होकर 4 अगस्त 2026 तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो कहा जाता है कि परिवार में किसी और की भी मृत्यु होगी। इस दोष से बचने के लिए अंतिम संस्कार के दौरान आटे के 5 पुतले बनाकर शव के साथ जलाएं जाते हैं। इसे पंचक विधान कहते हैं। चलिए जानते हैं जुलाई के महीने में पंचक का साया किस दिन से और कितने दिन तक रहेगा।
दान
इस अवधि में जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और धन का दान करने से शुभ फल मिलता है।