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यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ़ आधी आबादी सड़क पर उतरी, उखाड़ फेंका मीटर, बिजली उपकेंद्रों से अधिकारी और कर्मचारी फरार

यूपी में बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meters) लगने के बाद आ रहे अंधाधुंध बिल के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता रहा है। हर रोज स्मार्ट मीटर (Smart Meters) को घरों के उखाड़ कर लोग बिजली ऑफिस पर फेंक मारते हए दिख रहे हैं। कहीं स्मार्ट मीटर सिर पर रख कर महिलाएं जुलूस निकाल रही हैं तो कहीं जमीन पर पटक कर लोग अपना आक्रोश दिखा रहे हैं।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ: यूपी में बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meters) लगने के बाद आ रहे अंधाधुंध बिल के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता रहा है। हर रोज स्मार्ट मीटर (Smart Meters) को घरों के उखाड़ कर लोग बिजली ऑफिस पर फेंक मारते हए दिख रहे हैं। कहीं स्मार्ट मीटर सिर पर रख कर महिलाएं जुलूस निकाल रही हैं तो कहीं जमीन पर पटक कर लोग अपना आक्रोश दिखा रहे हैं। सोशल मीडिया पर अलग-अलग जिलों से आए दिन लगातार ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं। आगरा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, हमीरपुर, हापुड़ और लखनऊ में स्मार्ट मीटर को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ।

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स्मार्ट प्री पेड बिजली मीटर को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (Energy Minister A.K. Sharma) और उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष कुमार गोयल (Ashish Kumar Goyal, Chairman of the Uttar Pradesh Power Corporation) के तमाम दावे के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं है। बिना अनुमति के उनके घरों में लगाए गए मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश चरम पर है।

BJP सरकार जनता को लूटने की नई-नई तरकीबें लेकर आती है, वो वसूली का एक मौका नहीं छोड़ती : ​कांग्रेस 

​कांग्रेस पार्टी ने एक्स पोस्ट पर वीडियो शेयर कर लिखा कि यूपी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। लोगों ने बताया कि जो बिजली बिल पहले 500-600 रुपए आते थे, वो स्मार्ट मीटर लगने के बाद 25-30 हजार रुपए आने लगे हैं। इस धांधली से गुस्साए लोगों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ फेंकना शुरू कर दिया है। ​कांग्रेस पार्टी ने लिखा कि सच है कि BJP सरकार जनता को लूटने की नई-नई तरकीबें लेकर आती है, वो वसूली का एक मौका नहीं छोड़ती।

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जनता परेशान है, लेकिन BJP सरकार को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ रहा, वो अपनी वसूली से बाज नहीं आ रही

​कांग्रेस पार्टी ने एक्स पोस्ट पर यूपी के फतेहपुर का वीडियो शेयर कर लिखा कि हजारों रुपए के बिजली बिल से नाराज लोग स्मार्ट मीटर उखाड़कर बिजली घर में फेंक रहे हैं। पूरे प्रदेश से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहां लोग स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इस सरकारी लूट का खूब विरोध कर रहे हैं। जनता परेशान है, लेकिन BJP सरकार को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ रहा, वो अपनी वसूली से बाज नहीं आ रही।

 

एक्सपर्ट कमेटी को 10 दिन में योगी सरकार को रिपोर्ट सौंपनी थी, मियाद 30 अप्रैल को पूरी हो गई और अब लोगों को समाधान का इंतजार है

यूपी में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर (Prepaid Smart Meters) राज्य की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी व आम आदमी पार्टी ने योगी सरकार (Yogi Government) के फैसले का कड़ा विरोध कर रही है। बता दें कि योगी सरकार ने बीते 20 अप्रैल को राहत 1.0 की घोषणा की थी और एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था, जिसे 10 दिन में रिपोर्ट सौंपनी थी। वो मियाद भी 30 अप्रैल को पूरी हो गई और अब लोगों को समाधान का इंतजार है। पहली राहत घोषणा में 2kw तक उपयोग वाले उपभोक्ताओं को तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया गया था। 200 रुपए तक नेगेटिव बैलेंस तक और छुट्टी वाले दिन कनेक्शन नहीं काटने की राहत दी गई थी, लेकिन इससे पहले आक्रोश न थमता देख सरकार ने राहत 2.0 की घोषणा भी की थी।

2kw तक उपयोग वाले उपभोक्ताओं को तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया बेमानी

बता दें कि योगी सरकार ने जो 2kw तक उपयोग वाले उपभोक्ताओं को तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया गया था, लेकिन यदि आपका 2kw का कनेक्शन है तो प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगते ही वह ऑटोमेटिक बगैर उपभोक्ता से पूछे 3kw का कनेक्शन में तब्दील हो जाता है। ऐसे में 2kw तक उपयोग वाले उपभोक्ताओं को तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया बेमानी ही है।

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इसके तहत 1 किलोवाट तक के घेरलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 30 दिन तक बिजली कनेक्शन (Electricity Connections) नहीं काटे जाने की बात कही गई थी। यानी पोस्टपेड मोड पर ही तीस दिन में रिचार्ज कराओ, लेकिन 24 अप्रैल को राहत की दूसरी घोषणा के बावजूद लोगों में गुस्सा बरकरार रहा और प्रदर्शन अभी भी प्रदर्शन जारी है

जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप

उपभोक्ताओं की ओर से विपक्ष और राज्य उपभोक्ता परिषद (State Consumer Council) ने मोर्चा संभाल रखा है। राज्य उपभोक्ता परिषद (State Consumer Council) ने जबरन मीटर लगाने का आरोप लगाते हुए विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया है और मुख्यमंत्री तक से हस्तक्षेप की मांग की है। स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav, Samajwadi Party Chief) ने आज तीखा हमला किया है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर पर सवाल के जवाब में कहा कि लोग स्मार्ट मीटर को तोड़-तोड़कर फेंक रहे हैं। BJP की टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। इस सरकार ने बिजली बनाई नहीं है और स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। आज महिलाएं निकल पड़ी हैं और स्मार्ट मीटर फेंक दिया है।

उत्तर प्रदेश में आज की तारीख तक 75 लाख के करीब  लगाए जा चुके हैं स्मार्ट मीटर

बता दें कि उत्तर प्रदेश में आज की तारीख तक 75 लाख के करीब स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। लोगों का आरोप है ये मीटर तेज भागते हैं और बिल ज्यादा आता है। प्रीपेड मीटर में बैलेंस जल्दी-जल्दी कटता है। बिना इस्तेमाल किए भी बिजली बिल बढ़ता रहता है। एक शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस शख्स का कहना है कि घर बंद है और MCB भी गिरा के छोड़ा है, लेकिन इसके बैजूद रोजाना बैलेंस काट रहे हैं। इन्होंने खुद यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो वायरल हो गया।

24 अप्रैल को जब 1kw तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने ग्रेस पीरियड 30 दिन निर्धारित किया तो उम्मीद थी कि लोगों का गुस्सा ठंडा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 1kw लोड श्रेणी में 42 लाख उपभोक्ता आते हैं, लेकिन अब उपभोक्ताओं की सीधी मांग स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर वापस लाने की है। बता दें कि RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत स्मार्ट मीटर लगाने की डेडलाइन मार्च 2028 कर दी गई है। ऐसे में सवाल है कि इस बवाल के बीच सरकार को जल्दी किस बात की है?

राजधानी लखनऊ इंदिरा नगर के सेक्टर-25 के पावर स्टेशन पर महिलाओं ने गेट पर जड़ दिया ताला

बीते दिनों यूपी की राजधानी लखनऊ में महिलाएं हाथ में स्मार्ट प्री पेड बिजली मीटर विरोधी प्ले कार्ड लेकर राजधानी के इंदिरा नगर के सेक्टर-25 के पावर स्टेशन में पहुंची और अधिकारियों से घरों से बिजली गायब होने के कारण पूछा।

उनको जब कोई जवाब नहीं मिला तो स्मार्ट बिजली मीटर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करने के बाद महिलाओं ने गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान महिलाओं ने जोरदार नारा लगाया कि स्मार्ट मीटर धोखा है। महिलाओं को आक्रोश देखकर अधिकारी और कर्मचारी वहां से फरार हो गए। शहर में स्मार्ट मीटर से परेशान उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिक बिल से परेशान उपभोक्ताओं की उपकेंद्रों पर भीड़ लग रही है, लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। लखनऊ के इंदिरा नगर में AIDWA से जुड़ी महिलाओं ने स्मार्ट बिजली मीटर खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पूरा ऑफिस घेर लिया है।

विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गायब हो गए हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पूरे ऑफिस को घेरकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ जोरदार हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले भी इंदिरानगर में उपभोक्ताओं ने सेक्टर-14 के पावर हाउस का घेराव कर हंगामा कर दिया था।

गाजियाबाद के मोदीनगर में स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़कों पर उतरीं महिलाएं, जमकर किया प्रदर्शन, दिल्ली-मेरठ रोड जाम

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के मोदीनगर में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद अब खुले विरोध में बदलता जा रहा है। बढ़े हुए बिजली बिल, बिना सहमति मीटर लगाए जाने और अधिकारियों की अनदेखी से नाराज महिलाओं ने शनिवार को बड़ा प्रदर्शन किया। पहले तहसील परिसर में धरना दिया गया और जब सुनवाई नहीं हुई तो सैकड़ों महिलाएं दिल्ली-मेरठ मार्ग पर उतर आईं और सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ऊर्जा निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।

तहसील से सड़क तक पहुंचा विरोध

बेगमाबाद, लंकापुरी समेत कई कॉलोनियों की महिलाएं पहले मोदीनगर तहसील पहुंचीं, जहां उन्होंने सभागार में धरना शुरू कर दिया। महिलाओं का आरोप था कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। उन्होंने एसडीएम और ऊर्जा निगम के अधिकारियों से मीटर हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे खुद मीटर उखाड़कर फेंक देंगी।

दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम

तहसील में कोई ठोस कार्रवाई न होने पर महिलाएं सीधे दिल्ली-मेरठ मार्ग पर पहुंच गईं और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद जाम खुल सका।

ज्यादा बिजली बिल से बढ़ा गुस्सा

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले की तुलना में काफी ज्यादा आ रहा है। उनका आरोप है कि ऊर्जा निगम की यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा, उनका विरोध जारी रहेगा।

एसडीओ कार्यालय पर भी हंगामा, अधिकारी नहीं मिले

सड़क जाम के बाद महिलाएं गोविंदपुरी बिजलीघर पहुंचीं, जहां उन्होंने एसडीओ से मिलने की कोशिश की। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही एसडीओ कार्यालय छोड़कर चले गए। कार्यालय खाली मिलने पर महिलाओं का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने वहीं धरना दिया और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काफी देर तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, जिसके बाद महिलाएं वापस लौटीं।

अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि स्मार्ट मीटर नहीं हटाए गए और बिजली बिल की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने की भी चेतावनी दी है। वहीं, एसडीएम अजीत सिंह ने कहा कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

 

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