"व्रत और उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जावान बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में 'सेंधा नमक' (Rock Salt) सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन साबित होता है।
Rock Salt Scientific Benefits : “व्रत और उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जावान बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में ‘सेंधा नमक’ (Rock Salt) सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन साबित होता है। 84 से ज्यादा प्राकृतिक खनिजों से भरपूर सेंधा नमक, केमिकल वाले सादे नमक से कहीं ज्यादा शुद्ध और सेहतमंद है। आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक सच और सादे नमक के मुकाबले इसके जादुई फायदे।”
शुद्ध नमक
सेंधा नमक को रॉक सॉल्ट कहा जाता है, यह प्राकृतिक रूप से चट्टानों से प्राप्त होता है। दरअसल, इस नमक तैयार करने में किसी तरह की रासायनिक प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं होता। यही कारण है कि इसे शुद्ध नमक माना जाता है।
रंग
इसका रंग हल्का गुलाबी या सफेद होता है और इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे कई प्राकृतिक खनिज पाए जाते हैं।
व्रत होता है इस्तेमाल
सामान्य नमक को औद्योगिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, वास्तविक रूप देने के लिए इसे कई तरह के कैमिकल टेस्ट से गुजारा जाता है। जबकि सेंधा नमक प्राकृतिक रूप में मिलता है।
मन की शुद्धि
सनातन परंपरा में व्रत का उद्देश्य केवल भोजन त्यागना नहीं, बल्कि शरीर और मन की शुद्धि से होता है। इसलिए व्रत के दौरान सात्विक भोजन किया जाता है।
प्राकृतिक और सात्विक
सेंधा नमक प्राकृतिक और सात्विक होता है, इसलिए इसे व्रत के भोजन में उपयाग करते हैं।
वैज्ञानिक फायदे प्रचुर खनिज तत्व: इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे लगभग 84 Trace Minerals पाए जाते हैं।
ब्लड प्रेशर नियंत्रण: सादे नमक के मुकाबले इसमें सोडियम की मात्रा कम होती है, जो बीपी को काबू में रखता है।
बेहतर पाचन क्रिया: यह पेट में पाचक रसों (Hydrochloric Acid) को उत्तेजित कर गैस और अपच की समस्या दूर करता है।
इलेक्ट्रोलाइट संतुलन: व्रत के दौरान यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और कमजोरी या चक्कर आने से बचाता है।
मांसपेशियों का दर्द: इसमें मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों की ऐंठन (Cramps) और दर्द को कम करने में मदद करता है।