1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. पड़ोसी देश के सरकारी खाते को हैकर ने किया खाली, 25 लाख डॉलर गायब, सरकार ने स्वीकारा

पड़ोसी देश के सरकारी खाते को हैकर ने किया खाली, 25 लाख डॉलर गायब, सरकार ने स्वीकारा

आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहे श्रीलंका के सामने एक नई और असहज स्थिति पैदा हो गई है। विदेशों से लिए गए कर्ज की किस्त चुकाने के दौरान श्रीलंकाई वित्त मंत्रालय से बड़ी चूक हो गई, जिसके चलते 25 लाख डॉलर (करीब 21 करोड़ रुपये से अधिक) की रकम असली ऋणदाता के बजाय एक हैकर के बैंक खाते में पहुंच गई। मामले के सामने आने के बाद सरकार ने इस गलती को स्वीकार किया है...

By हर्ष गौतम 
Updated Date

श्रीलंका :  आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहे श्रीलंका के सामने एक नई और असहज स्थिति पैदा हो गई है। विदेशों से लिए गए कर्ज की किस्त चुकाने के दौरान श्रीलंकाई वित्त मंत्रालय से बड़ी चूक हो गई, जिसके चलते 25 लाख डॉलर (करीब 21 करोड़ रुपये से अधिक) की रकम असली ऋणदाता के बजाय एक हैकर के बैंक खाते में पहुंच गई। मामले के सामने आने के बाद सरकार ने इस गलती को स्वीकार किया है और रकम वापस लाने की कोशिश शुरू कर दी गई है।

पढ़ें :- पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो प्रियांशु ने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिख मौत को लगाया, आखिरी इच्छा भी लिखा ‘मेरे शव को हाथ न लगाएं पापा’

यह मामला तब सामने आया जब विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और सरकार से जवाब मांगा। इसके बाद श्रीलंकाई वित्त मंत्रालय के सचिव हर्षाना सुप्रियाप्पेरुमा ने आधिकारिक रूप से बताया कि मंत्रालय के एक्सटर्नल रिसोर्सेज विभाग के सिस्टम में ईमेल के जरिए साइबर घुसपैठ की गई थी। उन्होंने बताया कि सरकार को जनवरी महीने में ही इस साइबर हमले की जानकारी मिल गई थी। उनके अनुसार, “हमें जनवरी में पता चला कि साइबर अपराधी वित्त मंत्रालय के एक्सटर्नल रिसोर्सेज विभाग के सिस्टम में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद जिन देशों को भुगतान किया जाना था, उनसे संपर्क किया गया और स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।”

कुछ रिपोर्ट्स के मु​ताबिक, श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया से लिए गए लगभग 2.29 करोड़ डॉलर के कर्ज का भुगतान करना है। इसी ऋण की दिसंबर महीने की किस्त के रूप में 25 लाख डॉलर भेजे गए थे। लेकिन यह राशि ऑस्ट्रेलिया सरकार के खाते में पहुंचने के बजाय एक हैकर द्वारा नियंत्रित बैंक खाते में ट्रांसफर हो गई। इस गंभीर मामले का खुलासा सबसे पहले श्रीलंका के विपक्ष ने किया। विपक्षी वकीलों के एक समूह ने संसद के स्पीकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि सरकारी भुगतान गलत खाते में चला गया है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा संसद की जिम्मेदारी है और इतनी बड़ी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

यह मामला संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) की कार्यवाही में भी उठाया गया, जहां अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। विपक्ष का कहना है कि यह केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि राष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। वहीं, जब इस पूरे घटनाक्रम पर ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया मांगी गई, तो श्रीलंका में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई हाई कमीशन ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी है। उच्चायोग ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ मिलकर इस स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रही है और धनराशि की रिकवरी पर काम जारी है।

फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हैकर ने किस तरह ईमेल सिस्टम में सेंध लगाई, भुगतान प्रक्रिया को कैसे प्रभावित किया गया और क्या इसमें किसी अंदरूनी लापरवाही की भी भूमिका थी। एक समय गंभीर आर्थिक संकट, विदेशी मुद्रा की भारी कमी और जनआंदोलन से जूझ चुके श्रीलंका के लिए यह घटना बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। ऐसे समय में जब देश अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विदेशी सरकारों का भरोसा दोबारा जीतने की कोशिश कर रहा है, इस तरह की साइबर चूक उसकी साख पर बड़ा असर डाल सकती है।

पढ़ें :- मथुरा : SSP ने एक ही के गांव 26 फरार साइबर ठगों पर, 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया, यूपी का जामताड़ा है ये गांव

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...