प्रदेश में करीब 14 जिलों में सीएमओ की तैनाती होनी है। इससे पहले दवा माफियाओं ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और अपने करीबी डॉक्टरों को सीएमओ बनाने के लिए लिस्ट में नाम तक शामिल करा दिया है। सूत्रों की माने तो करीब 14 जिलों में सीएमओ की तैनाती होनी है और इसके लिए करीब तीन दर्जन नामों को भेजा गया है। इन नामों में ज्यादातर नाम दवा माफियाओं के ही हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एक बार फिर दवा माफियाओं का वर्चस्व बढ़ने लगा है। करीब 14 जिलों में होने वाले मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) की ट्रांसफर-पोस्टिंग से पहले दवा माफियाओं ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दवा माफिया अपने करीबी डॉक्टरों को सीएमओ बनवाने के लिए सांठगांठ शुरू कर दिए हैं। करीबी डॉक्टरों के सीएमओ बनने के बाद दवा माफिया जिलों में उनके साथ मिलकर मनमानी करते हैं। पर्दाफाश ने पहले भी बताया था कि, कई ऐसे दवा माफिया हैं, जिनके इशारों पर ही प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सीएमओ की पोस्टिंग होती है।
बता दें कि, प्रदेश में करीब 14 जिलों में सीएमओ की तैनाती होनी है। इससे पहले दवा माफियाओं ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और अपने करीबी डॉक्टरों को सीएमओ बनाने के लिए लिस्ट में नाम तक शामिल करा दिया है। सूत्रों की माने तो करीब 14 जिलों में सीएमओ की तैनाती होनी है और इसके लिए करीब तीन दर्जन नामों को भेजा गया है। इन नामों में ज्यादातर नाम दवा माफियाओं के ही हैं।
पर्दाफाश न्यूज के पास उन सभी दवा माफियाओं और उनके करीबी डॉक्टरों के नाम हाथ लगे हैं, जिनको सीएमओ बनवाने के लिए वो हर कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने ये बताया कि, इसको लेकर मोटी रकम भी वसूल ली गयी है। करीबियों के सीएमओ बनने के बाद उनसे जिलों में मनमाने तरीके से काम करने की भी डील हो चुकी है।
दशकों से चला आ रहा है दवा माफियाओं का सिंडिकेट
दरअसल, पूरे स्वास्थ्य विभाग में दशकों से दवा माफियाओं के इशारों पर ज्यादातर काम होते हैं। सीएमओ की ट्रांसफर पोस्टिंग में भी दवा माफिया अपने करीबी डॉक्टरों को पोस्टिंग दिलवाते हैं, जिसके बाद वो कुछ अपने और अपने करीबियों की फर्म पर सीएमओ से काम लेते हैं। पर्दाफाश इन सभी दवा माफियाओं और उनके करीबी डॉक्टरों के नाम सिलसिलेवार तरीके से उजागर करेगा, जो इस पूरे सिंडिकेट में शामिल हैं।