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Mycoplasma pneumonia: क्या होता है माइकोप्लाज्मा निमोनिया, जापान में तेजी से बढ़ रहे हैं इसके मामले

जापान में बच्चों में माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, विशेष रूप से बच्चों में पाया जाने वाला एक सामान्य संक्रमण है। गंभीर मामलों में यह निमोनिया का कारण बन सकता है, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।

By प्रिन्सी साहू 
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जापान में बच्चों में माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। माइकोप्लाज्मा निमोनिया, विशेष रूप से बच्चों में पाया जाने वाला एक सामान्य संक्रमण है। गंभीर मामलों में यह निमोनिया का कारण बन सकता है, जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।

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माइकोप्लाज्मा निमोनिया एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो हल्की बीमारी का कारण बनता है, लेकिन यह निमोनिया, फेफड़ों का संक्रमण भी पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह संक्रमण हवा के माध्यम से होता है, और यह सर्दियों के मौसम में तेजी से फैलता है। माइकोप्लाज्मा निमोनिया में शुरुआती लक्षण सर्दी-जुकाम होते है।

एक से चार सप्ताह के अंदर इसका असर दिखने लगता है। माइकोप्लाज्मा के मरीजों को बुखार, खांसी, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
जिन लोगो की इम्युनिटी कमजोर होती है ऐसे लोगो पर इस इंफेक्शन का अधिक खतरा रहता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गे इसमें शामिल है।

इसके अलावा माइकोप्लाज्मा संक्रमण का प्रकोप सेना, अस्पतालों और नर्सिंग होम जैसी जगहों पर भी देखने को मिलता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देशभर के तीन हजार चिकित्सा संस्थानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है।

जिसमें अस्पतालों में औसतन 0.94 मामले सामने आए हैं। यह पिछले सप्ताह के 0.78 मामलों से अधिक है। एरिथेमा इंफेक्टियोसम नामक बीमारी भी तेजी से फैल रही है, जिसमें गालों पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं। इस बीमारी के लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं, लेकिन बाद में गालों पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगते हैं।

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माइकोप्लाज्मा निमोनिया और एरिथेमा इंफेक्टियोसम दोनों ही संक्रामक रोग हैं और इनके प्रसार को रोकने के लिए विशेषज्ञ मास्क पहनने और नियमित हाथ धोने जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

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