अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था लेकिन भाजपा इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाकर विपक्ष पर गलत आरोप लगा रही है। उनका आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे को नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाया जा सके।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और समाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, वर्तमान समय काफी चुनौतीपूर्ण है और समाज को मिलकर आगे बढ़ने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गिरगिट वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वो खुद ही असली गिरगिट हैं, जो नारी वंदन को नारा बनाना चाहते हैं। वो बार बार राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बयान देते हैं। अब इनके सत्ता से जाने के दिन आ गए हैं।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था लेकिन भाजपा इसे सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाकर विपक्ष पर गलत आरोप लगा रही है। उनका आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे को नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है, ताकि जनता का ध्यान अन्य समस्याओं से हटाया जा सके।
इसके साथ ही कहा, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी का दिया हुआ संविधान और लोकतंत्र को कुछ ताकतें लगातार खतरा पैदा कर रही हैं। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती। असली गिरगिट का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है। साथ ही कहा, हरदोई में बेटी के परिवार में सबसे मिलने का मुझे मौका मिला था। मामले की सीबीआई जांच हो, उनके परिवार की आर्थिक मदद हो।
"मुख्यमंत्री जी की गिरगिटी भाषा है।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/IBPRG6j3yd
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— Samajwadi Party (@samajwadiparty) May 1, 2026
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि, दीदी बंगाल में ऐतिहासिक वोटों से जीतने जा रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि, बंगाल में दीदी की बड़ी जीत होगी। वहीं, गुरुवार को ममता बनर्जी ने भी एलान किया था कि, बंगाल में उनकी 226 सीटें आने जा रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने ‘बुलडोजर नीति’ को कठघरे में खड़ा करते हुए हरदोई व वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार संशोधन जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।