1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की सलाह देने वाले डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम ने दुनिया को कहा अलविदा, कहा जाता था वार हॉक

भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की सलाह देने वाले डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम ने दुनिया को कहा अलविदा, कहा जाता था वार हॉक

अमेरिका के साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) का शनिवार शाम 71 वर्ष की उम्र में Aortic डिसेक्शन नाम की बीमारी से मौत हो गई। वह भारत को लेकर एक प्रस्ताव परके कारण लगातार सुर्खियों में थे।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका के साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) का शनिवार शाम 71 वर्ष की उम्र में Aortic डिसेक्शन नाम की बीमारी से मौत हो गई। वह भारत को लेकर एक प्रस्ताव परके कारण लगातार सुर्खियों में थे। उनके कार्यालय ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। ग्राहम अपने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर दिए गए तीखे बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे। लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) के कार्यालय ने X पर जारी पोस्ट में उनके निधन की पुष्टि की। बताया गया कि शनिवार शाम एक संक्षिप्त और अचानक हुई बीमारी के बाद उनका निधन हो गया।

पढ़ें :- '1000 मिसाइलें ईरान पर निशाना साधकर तैयार...' अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी हत्या की धमकी पर भड़के

लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham)  ने अमेरिकी राजनीति में तीन दशक से अधिक समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। वह 2003 से अपनी मृत्यु तक अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व करते रहे। इससे पहले वह 1995 से 2003 तक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में साउथ कैरोलिना के तीसरे संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। हाल ही में उन्होंने 2026 के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का नामांकन भी जीत लिया था, लेकिन आम चुनाव से पहले ही उनका निधन हो गया।

किस बीमारी से थे पीड़ित?

लिंडसे ग्राहम aortic dissection नाम की बीमारी से पीड़ित थे। इसमें दिल की अहम artery के अंदरूनी हिस्से में फटन पैदा हो जाती है। ये एक बेहद घातक कंडीशन है।

भारत पर किस बयान से बटोरी थी सुर्खियां?

पढ़ें :- इजरायल ने अमेरिका को दी चेतावनी- राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की रची जा रही है नई साजिश

इस साल जनवरी में लिंडसे ग्राहम ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्राहम-ब्लूमेंथल प्रतिबंध विधेयक (Graham-Blumenthal Sanctions Bill) को मंजूरी दे दी है। ग्राहम के मुताबिक, इस बिल पर उन्होंने कई महीनों तक काम किया था। उन्होंने कहा था कि इस बिल के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा, जो रूस से तेल खरीदते हैं। इस सूची में भारत का भी नाम शामिल था। ग्राहम का कहना था कि इस कानून के जरिए ट्रंप उन देशों को सजा दे सकेंगे, जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की युद्ध मशीन को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। फरवरी में ग्राहम ने दावा किया था कि भारत ने रूस से तेल खरीद में “काफी कमी” की है। उन्होंने भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को यह दिखाने वाला उदाहरण बताया था कि नीतिगत फैसलों के जरिए किसी देश के व्यवहार को प्रभावित किया जा सकता है।

किन और देशों पर दिया थे कड़े बयान?

भारत के अलावा वह ईरान और पाकिस्तान के खिलाफ तल्ख बयान दे चुके हैं। फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम Sunday Morning Futures में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान ग्राहम ने ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की नीति का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को “आधुनिक दौर का हिटलर”, “धार्मिक नाजी” और “भयानक व्यक्ति” बताया था। ग्राहम ने कहा था कि अब उनके जाने का समय आ गया है और ईरानी जनता भी यही चाहती है। उन्होंने ट्रंप से कहा था कि जो नेतृत्व अपने ही लोगों को मार रहा है, उसे खत्म कर देना चाहिए। ग्राहम का यह भी कहना था कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व को हटाने से क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

पाकिस्तान को लेकर क्या दिया बयान?

मई में ग्राहम ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पाकिस्तान से इजरायल को कूटनीतिक मान्यता देने की भी अपील की थी। X पर लिखे एक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को मध्यस्थ मानना उनके लिए लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान का इजरायल के प्रति विरोध जगजाहिर है। ग्राहम ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ईरानी सैन्य विमानों को सुरक्षित जगह दी गई थी, ताकि वे अमेरिकी हवाई हमलों से बच सकें। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज कर दिया था।

पढ़ें :- US-India Trade Deal : ट्रंप ने दी बड़ी खुशखबरी, अमेरिका ने भारतीय कंपनियों से हटाया बैन

लिंडसे ग्राहम की मौत पर क्या बोले ट्रंप?

लिंडसे ग्राहम के निधन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें “सच्चा अमेरिकी देशभक्त” बताया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। CNN से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस खबर से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पहले ही ग्राहम ने उन्हें फोन किया था। ट्रंप के मुताबिक, ग्राहम यूक्रेन की यात्रा से लौटे थे और उन्होंने यात्रा के बारे में विस्तार से बातचीत की थी। ट्रंप ने कहा कि ग्राहम काफी मेहनत कर रहे थे। उन्होंने फोन पर केवल इतना कहा था कि लंबी यात्रा की वजह से वह थके हुए हैं, लेकिन बाकी सब कुछ सामान्य था। ट्रंप ने कहा कि कुछ ही देर बाद मेडिकल टीम पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया।

लिंडसे को क्यों कहा जाता था वार हॉक?

लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham)  को अमेरिकी राजनीति में “वार हॉक” यानी आक्रामक विदेश नीति के समर्थक नेता के रूप में जाना जाता था। वह इजरायल, यूक्रेन और नाटो के प्रबल समर्थक थे। राष्ट्रीय सुरक्षा, आव्रजन और विदेश नीति से जुड़े कई मुद्दों पर उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं के साथ मिलकर भी काम किया। वह सीनेटर जॉन मैक्केन और जो लिबरमैन के साथ अपनी करीबी राजनीतिक साझेदारी के लिए भी जाने जाते थे। तीनों नेताओं को अमेरिकी राजनीति में “थ्री अमीगोज” (Three Amigos) के नाम से जाना जाता था। 2019 से 2021 तक ग्राहम अमेरिकी सीनेट की न्यायिक समिति (Senate Judiciary Committee) के अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2025 से अपने निधन तक वह सीनेट बजट समिति (Senate Budget Committee) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) द्वारा नामित कई न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

 

पढ़ें :- प्रधान मंत्री जी भीगी बिल्ली बनके नहीं बैठते ट्रम्प के सामने, जॉर्जिया मेलोनी के पलटवार बाद केजरीवाल ने मोदी को घेरा

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...