मंगल महाराज को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को भूमि, भवन, मकान और अचल संपत्ति (Real Estate) का मुख्य कारक ग्रह माना गया है।
Mangal Gochar : मंगल महाराज को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को भूमि, भवन, मकान और अचल संपत्ति (Real Estate) का मुख्य कारक ग्रह माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंगल देव का पालन-पोषण पृथ्वी (धरती माता) द्वारा किया गया था, इसी वजह से इन्हें ‘भूमिपुत्र’ या ‘भौम’ भी कहा जाता है।
मंगल देव का गोचर वृषभ राशि में होने जा रहा है। यह गोचर बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 21 जून 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल देव शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे एक बड़ा ज्योतिषीय परिवर्तन माना जा रहा है, क्योंकि वृषभ राशि शुक्र की राशि है।
वृषभ राशि
मंगल का यह गोचर शुक्र की राशि होने से, इस राशि के जातकों में व्यक्तित्व में तरक्की देखने को मिलेगी। करियर और कार्यक्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलें। आने वाले समय में धन लाभ के रास्ते खुलेंगे।
कर्क राशि
कर्क राशि वाले जातकों को थोड़ा परिश्रम करने पर अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। अगर आपका कोई कार्य लंबे समय से रुका है, तो अब कार्य बनने की पूरी संभावना बन रही है।
सिंह राशि
सिंह राशि वाले जातकों में मंगल का यह गोचर मान-सम्मान और आय में वृद्धि प्रदान करेगा।
धनु राशि
धनु राशि वाले के लिए मंगल का यह गोचर बड़े बुजुर्गों का सम्मान करने पर पैतृक संपत्ति में लाभ दिलाएगा। धन की कमी को दूर करेगा।