नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने सोमवार देर रात आदेश जारी कर कर्मचारियों की सैलरी में करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। यह नई वेतन दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी..
नोएडा हिंसा : नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने सोमवार देर रात आदेश जारी कर कर्मचारियों की सैलरी में करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। यह नई वेतन दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी। दरअसल, सोमवार को पूरे दिन चले बवाल के बाद देर रात एक हाईलेवल कमेटी नोएडा पहुंची। कमेटी ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे सरकार ने सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए वेतन बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया।
सरकार की तरफ से यह भी साफ किया गया कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई थी कि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये कर दिया गया है, लेकिन कंपनियां इसे लागू नहीं कर रहीं। इसी भ्रामक जानकारी के चलते कर्मचारियों में गुस्सा भड़क गया और हालात हिंसक हो गए। मंगलवार को फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और इंडस्ट्रियल इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा के लिए CCTV और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। सुबह 5 बजे से RAF, PAC और पुलिस के जवान फ्लैग मार्च कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार अब तक इस मामले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रशासन के मुताबिक, कुछ जगहों पर सुबह मजदूरों की भीड़ जमा हुई थी, जिन्हें समझाकर हटा दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने काम पर लौटें और शांति बनाए रखें। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 50 सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए लोगों को हिंसा के लिए उकसाया गया। ऐसे ग्रुप्स की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसकी विस्तृत जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी।
इससे पहले सोमवार को नोएडा के कई इलाकों में हालात बेकाबू हो गए थे। करीब 42 हजार कर्मचारी 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे, जो अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की, 50 से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और 150 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर भी पथराव किया गया।
हिंसा की शुरुआत सबसे पहले फेज-2 इलाके से हुई, जहां सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। इसके बाद प्रदर्शन धीरे-धीरे नोएडा के करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों और आसपास के जिलों में फैल गया। सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई, जबकि सेक्टर 40 और 60 में कंपनियों का घेराव हुआ। सेक्टर 85 में एक बड़ी कंपनी का गेट तोड़ दिया गया। इसके अलावा सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाईओवर के पास जाम लगाकर यातायात बाधित किया गया। स्थिति को काबू में लाने के लिए कई इलाकों में RAF और PAC को तैनात करना पड़ा। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने कंट्रोल रूम से पूरे हालात की निगरानी की। डीजीपी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अफवाह फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।