पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हुई जनसभा में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (Joint Awami Action Committee) के नेता सरदार अमान खान (Sardar Aman Khan) ने पाकिस्तान (Pakistan) की हुकूमत को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यह इलाका आजाद नहीं बल्कि कब्जे वाला क्षेत्र है। उनके इस बयान को हजारों लोगों ने तालियों और नारों के साथ समर्थन दिया।
नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हुई जनसभा में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (Joint Awami Action Committee) के नेता सरदार अमान खान (Sardar Aman Khan) ने पाकिस्तान (Pakistan) की हुकूमत को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यह इलाका आजाद नहीं बल्कि कब्जे वाला क्षेत्र है। उनके इस बयान को हजारों लोगों ने तालियों और नारों के साथ समर्थन दिया।
सरदार अमान खान (Sardar Aman Khan) का यह बयान पाकिस्तान के आधिकारिक (Pakistan’s official) रुख से बिल्कुल अलग है जिसमें इस क्षेत्र को हमेशा आजाद कश्मीर कहा जाता रहा है। इस बयान के बाद जनसभा में मौजूद हजारों लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका समर्थन किया। रावलकोट में हुई इस जनसभा में हजारों लोग जुटे। यह सभा उस आंदोलन के बीच हुई जो पिछले कई दिनों से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pakistan-Occupied Kashmir) के अलग अलग हिस्सों में चल रहा है। इस आंदोलन में लोग बिजली की समस्या, बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक व्यवस्था और कई अन्य मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं।
'न आजाद, न विवादित, PoK सिर्फ अवैध कब्जे का इलाका है!', रावलकोट में प्रदर्शनकारियों ने उड़ाई पाक नैरेटिव की धज्जियां https://t.co/zSAiDxgkOW pic.twitter.com/qN7FiGfmqF
— Arvind ojha (@arvindojha) July 15, 2026
इसी माहौल के बीच अमान खान (Aman Khan) ने मंच से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, यह कोई विवादित इलाका नहीं है, यह अवैध कब्जे वाला इलाका है, इस पर कब्जा किया गया है। उनके इस बयान को सुनकर वहां मौजूद भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं और नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का यह समर्थन दिखाता है कि इलाके में मौजूद कई लोग भी इसी तरह की भावना रखते हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान हमेशा से इस क्षेत्र को आजाद कश्मीर कहता आया है, लेकिन अमान खान (Aman Khan) का यह बयान उस पुराने नैरेटिव को सीधी चुनौती देता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में लोगों का गुस्सा प्रशासनिक कमियों और आर्थिक समस्याओं को लेकर पहले से ही बढ़ा हुआ है।