Ganga Dussehra 2026 : हिमालय से निकल कर गंगासागर में मिलने वाली मां गंगा का अवतरण दिवस ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पर्व महोत्सव की तरह मनाया जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा
Ganga Dussehra 2026 : हिमालय से निकल कर गंगासागर में मिलने वाली मां गंगा का अवतरण दिवस ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पर्व महोत्सव की तरह मनाया जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा
Vat Savitri 2026 : सनातन धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए इसे रखती हैं। इस व्रत के पीछे सावित्री और सत्यवान की अमर कथा है। यह व्रत ज्येष्ठ
Ketu Nakshatra Parivartan 2026 : छाया ग्रह केतु के गोचर को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माना जाता है। ज्योतिष मान्यता के अनुसार केतु जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। केतु का गोचर व्यक्ति के जीवन में वैराग्य, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागृति को बढ़ाता है। जब भी केतु अपनी चाल
Jyeshtha Month 2026 : सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना विशेष रूप से संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार , ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी और यह
Venus’s Transit in Taurus : सौंदर्य, ऐश्वर्य, विलासिता और सांसारिक सुखों का कारक शुक्र देव को बताया गया है। ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार, इनके राशि परिवर्तन और गोचर से सभी राशियों पर गहरा असर पड़ता है। रिश्तों, विवाह और बच्चों से संबंधित मामलों में शुक्र देव की सकारात्मक कृपा आवश्यक
Vaishakh Amavasya 2026 : सनातन धर्म वैशाख माह को बहुत पुनीत माना जाता है। इस माह की अमावस्या को स्नान, दान और पितरों का स्मरण करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। वर्ष 2026 में यह अमावस्या 17 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी, क्योंकि उदयातिथि उसी दिन पड़ रही है।
Somvar Shiv Puja special : सनातन धर्म में देवों के देव महादेव शिव जी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। भगवान शिव को संहारक होने के साथ-साथ करुणा और कृपा का प्रतीक भी माना जाता है। भक्त उन्हें “भोलेनाथ” कहकर भी पुकारते हैं क्योंकि वे सच्चे मन से की गई भक्ति
Vaishakh Budh Pradosh Vrat : सनातन धर्म में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। प्रदोष व्रत प्रत्येक माह के त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस साल वैशाख मास के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 15 अप्रैल को मनाया जाएगा। प्रदोष के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त
Satuwai Amavasya 2026: धार्मिक मान्यतानुसार वैशाख माह की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने के पीछे मुख्य कारण इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होना है। इस दिन सत्तू का दान करना और उसका सेवन करना बहुत शुभ माना जाता है। 17 अप्रैल 2026 वैशाख या सतुवाई अमावस्या मनाई जा जाएगी
Shani Uday 2026 : 22 अप्रैल को शनिदेव शनि मीन राशि में उदयवान होने जा रहे हैं। शनि देव 13 मार्च को ही अस्त अवस्था में चले गए थे। इस फेज़ के दौरान सोच-समझकर लिए गए फ़ैसले और साफ़ नज़रिया करियर, फ़ाइनेंस और ओवरऑल ग्रोथ में मौके खोलने में मदद
Shukra Gochar 2026 : ग्रहों के गोचर के क्रम में ऐश्वर्य के देवता शुक्र देव 26 मार्च को करेंगे राशि और नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शुक्र में एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शुक्र सुख, वैभव, विवाह और ऐश्वर्य का कारक माने जाते हैं। जिसकी कुंडली
Mangal Uday In Kumbh Rashi 2026 : ग्रहों के गोचर के क्रम में ग्रहों के सेनापति मंगल देव जल्द ही गोचर करने करने वाले है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को भूमि, ऊर्जा और लाल रंग, साहस, पराक्रम का कारक माना जाता है। अब ऐसे में मंगल जल्द ही कुंभ राशि
Panchak 2026 : सनातन परंपराओं में शुभ और अशुभ कार्यों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यदि किसी काम को शुभ घड़ी या फिर कहें शुभ समय में शुरू किया जाए तो उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग के अनुसार,
Kharmas 2026 : सनातन धर्म शुभ और अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। मान्यता कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य वृद्धि देने वाले होते है। खरमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता। ऐसे में
Budh Nakshtra Gochar 2026 : ग्रहों के राजकुमार और बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध देव का 10 मार्च 2026 को शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश हो गया है। बुध देव अब 1 अप्रैल 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। जानिए बुध का राहु के नक्षत्र में होना किन