अमेरिका की विमान बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी बोइंग (Boeing) ने पैसिफिक नार्थवेस्ट (Pacific Northwest) क्षेत्र में अपने उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने और अनुभवी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती अभियान (Recruitment Drive) तेज कर दिया है। हालहीं के खबरों के अनुसार, यह कंपनी अब हर हफ्ते 100 से 140 नए फैक्ट्री वर्करों को नियुक्त कर रही है।
वाशिंगटन। अमेरिका की विमान बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी बोइंग (Boeing) ने पैसिफिक नार्थवेस्ट (Pacific Northwest) क्षेत्र में अपने उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने और अनुभवी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती अभियान (Recruitment Drive) तेज कर दिया है। हालहीं के खबरों के अनुसार, यह कंपनी अब हर हफ्ते 100 से 140 नए फैक्ट्री वर्करों को नियुक्त कर रही है।
बोइंग ने यह कदम महत्वपूर्ण रूप से दो प्रमुख चुनौतियों से निपटने के लिए उठाया है:
उत्पादन में गति: 2026 के अंत तक इस कंपनी का लक्ष्य अपने 737 मैक्स विमानों के उत्पादन को बढ़ाते हुए प्रत्येक महिने 47 से 53 जेट तक ले जाना है।
अनुभवी कर्मचारियों का Retirement : लगातार बहुत बड़ी संख्या में पुराने कर्मचारियों के रिटायर होने के कारण कंपनी में कौशल की कमी हो गई है। अगर बात करे वर्तमान की तो, बोइंग (Boeing) के कार्यबल में अभी केवल 25 प्रतिशत, 6 साल से अधिक के अनुभव वाले कर्मचारी हैं।
क्षेत्रीय विस्तार और रोजगार
इस कंपनी का फैक्ट्री वर्कफोर्स वाशिंगटन राज्य और दक्षिण कैरोलिना में अब 34,000 से अधिक हो गया है। कंपनी नए लोगों को रखने के साथ-साथ अपने अप्रेंटिस प्रोग्राम के जरिए युवाओं को कंपोजिट रिपेयर और इलेक्ट्रिकल फिटिंग जैसे विशेष कार्यों के लिए प्रशिक्षित भी कर रही है।
हाल की चुनौतियां और भविष्य
यह रणनीतिक भर्ती अभियान बोइंग कंपनी (Boeing Company) के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी को लगातार हड़तालों, गुणवत्ता संबंधी चिंताओं और छंटनी जैसी समस्याओं का भीषण सामना करना पड़ा था। इसी साल के पहले तीन महीने में बोइंग ने अपने पर्तीस्पर्धी एयरबस पर विमानों की डिलीवरी के मामले में काफी बढ़त बनाई है, जिससे कंपनी में नए जोश का संचार भी हुआ है।
भर्ती प्रक्रिया : यह कंपनी लगातार सिएटल और पोर्टलैंड जैसे शहरों में भर्ती कार्यक्रम संचालित कर रही है। अगले आने वाले हफ्तों में मैकेनिक, सीलर्स और इलेक्ट्रिशियन के पदों के लिए अभाषी सूचना सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
रिपोर्ट: सुशील कुमार साह