यूपी में जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission Scheme) की टंकियों के धराशाई होने सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। या यूं कहें कि यूपी में ये आम बात हो चुकी है। बीते रविवार को सिद्धार्थनगर जिले में हल्की बारिश और हवा में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होकर लटक गई। उसके अगले ही दिन यूपी के बरेली में जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission Scheme) में निर्मित पानी की टंकी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है।
बरेली। यूपी में जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission Scheme) की टंकियों के धराशाई होने सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। या यूं कहें कि यूपी में ये आम बात हो चुकी है। बीते रविवार को सिद्धार्थनगर जिले में हल्की बारिश और हवा में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होकर लटक गई। उसके अगले ही दिन यूपी के बरेली में जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission Scheme) में निर्मित पानी की टंकी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। यहां ग्राम पंचायत सरदार नगर में अचानक पानी की ऊंची टंकी गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में सात लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया गया।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। आंवला सांसद नीरज मौर्य ने इस मामले को दिशा बैठक में उठाने की बात कही। उनके मुताबिक योजना में भ्रष्टाचार के कारण ही ये घटना हुई।
तेज आवाज के साथ गिरी टंकी
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ ग्रामीण रोज की तरह टंकी के पास बैठे हुए थे, तभी अचानक तेज आवाज के साथ पूरी संरचना धराशायी हो गई। मलबे में दबकर कई लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य करते हुए घायलों को बाहर निकाला और चिकित्सा सुविधा के लिए भेजा। घायलों में डबरू माली, डोरीलाल गुप्ता, लखपत अंसारी, ठाकुरदास मौर्य, गुड्डू चौहान, वीरपाल सिंह और नन्नू सिंह शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है।
हर घर जल योजना के तहत बनी थी टंकी
बताया जा रहा है कि यह टंकी ‘हर घर जल’ योजना (‘Har Ghar Jal’ Scheme) के तहत बनाई गई थी, जिससे करीब 6850 लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था। इसका निर्माण 21 दिसंबर 2022 को NCC Limited ने शुरू किया था, जबकि परियोजना की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश जल निगम (Uttar Pradesh Jal Nigam) के पास थी। निर्माण लागत लगभग 3.62 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि पिछले एक साल से टंकी से पानी की आपूर्ति हो रही थी, लेकिन अचानक इस तरह गिरना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
सासंद नीरज मौर्य दिशा बैठक में मुद्दा उठाएंगे
घटना पर स्थानीय आंवला सांसद नीरज मौर्या (Aonla MP Neeraj Maurya) ने मामला बेहद गंभीर है। उनके पास कुछ देर पहले टंकी के संबंध में सूचना आई थी। वह इस मामले को लोकसभा के साथ कल होने वाली दिशा की बैठक में उठाएंगे। जल मिशन में तमाम गड़बड़ियां है पूरी योजना की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए। वहीं मामले में जिले के आलाधिकारी मामले में चुप्पी साधे हुए, कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
यूपी में गिर चुकी टंकियों की है लंबी फेहरिस्त
. सीतापुर के महमूदाबाद में (मई 2025) में चुनका गांव में 5.31 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी भरभराकर गिर गई थी। इसको लेकर जल जीवन मिशन के काम में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
. महोबा (फरवरी 2026): 65 लाख रुपये की टंकी टेस्टिंग के अगले दिन ही फट गई/दरारें पड़ गईं। पानी फव्वारे की तरह बहने लगा।
. लखीमपुर खीरी (अप्रैल 2025): 3.5 करोड़ रुपये की ओवरहेड टैंक ट्रायल के दौरान फट गयी थी।
. मथुरा (जून/जुलाई 2024): कृष्णा विहार कॉलोनी में 3 साल पहले बनी 2500 किलोलीटर की ₹6 करोड़ टैंक भारी बारिश में ढह गई।