1. हिन्दी समाचार
  2. IPL
  3. यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को NADA का नोटिस; डोप टेस्ट नियमों को लेकर बढ़ी चिंता

यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को NADA का नोटिस; डोप टेस्ट नियमों को लेकर बढ़ी चिंता

एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कुछ खिलाड़ियों को पंजीकृत परीक्षण पूल (RTP) में रखा जाता है। इस सूची में शामिल खिलाड़ियों को पहले से यह जानकारी देनी होती है कि वे तय समय पर किस स्थान पर मौजूद रहेंगे। इसका मकसद यह होता है कि डोपिंग कंट्रोल अधिकारी अचानक पहुंचकर खिलाड़ियों का टेस्ट कर सकें। अगर खिलाड़ी तय समय और लोकेशन पर नहीं मिलता, तो उसे “मिस्ड टेस्ट” या “वेयरअबाउट्स फेल्योर...

By Harsh 
Updated Date

Cricket Updates:  भारतीय क्रिकेट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। युवा स्टार बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी यानी (NADA) ने नोटिस जारी किया है। दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ यह कार्रवाई “वेयरअबाउट्स फेल्योर” नियम के तहत की गई है। यह मामला सीधे तौर पर डोपिंग से जुड़ा नहीं है, लेकिन एंटी-डोपिंग सिस्टम के बेहद अहम नियमों में गिना जाता है।

पढ़ें :- IND vs BAN Semi Final: कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, फाइनल में जगह पक्की करने उतरी टीम इंडिया

क्या होता है “वेयरअबाउट्स फेल्योर” नियम?

एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कुछ खिलाड़ियों को पंजीकृत परीक्षण पूल (RTP) में रखा जाता है। इस सूची में शामिल खिलाड़ियों को पहले से यह जानकारी देनी होती है कि वे तय समय पर किस स्थान पर मौजूद रहेंगे। इसका मकसद यह होता है कि डोपिंग कंट्रोल अधिकारी अचानक पहुंचकर खिलाड़ियों का टेस्ट कर सकें। अगर खिलाड़ी तय समय और लोकेशन पर नहीं मिलता, तो उसे “मिस्ड टेस्ट” या “वेयरअबाउट्स फेल्योर” माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा दोनों इसी RTP सिस्टम का हिस्सा हैं।

तय लोकेशन पर नहीं मिले खिलाड़ी

जानकारी के अनुसार, यशस्वी जायसवाल का डोप टेस्ट 17 दिसंबर को निर्धारित था। वहीं शेफाली वर्मा का टेस्ट 7 नवंबर को होना था। बताया जा रहा है कि जब डोपिंग कंट्रोल अधिकारी तय समय पर दिए गए पते पर पहुंचे, तब दोनों खिलाड़ी वहां मौजूद नहीं मिले। इसके बाद NADA ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों खिलाड़ियों को स्पष्टीकरण नोटिस भेजा। रिपोर्ट्स के अनुसार, यशस्वी से 18 फरवरी और शेफाली से 20 फरवरी तक जवाब मांगा गया था। हालांकि एजेंसी को समय पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद दोनों के खिलाफ पहला “मिस्ड टेस्ट” दर्ज कर लिया गया।

पढ़ें :- IND vs JPN : टीम इंडिया ने जापान को 8 विकेट से रौंदा, अब सेमी-फाइनल में बांग्लादेश से होगी भिड़ंत

क्या लगेगा बैन?

फिलहाल यह मामला सीधे डोपिंग उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आता है। नियमों के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी 12 महीने के भीतर तीन बार “वेयरअबाउट्स फेल्योर” का दोषी पाया जाता है, तभी इसे एंटी-डोपिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। ऐसी स्थिति में खिलाड़ी पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हालांकि इससे पहले खिलाड़ियों को सुनवाई और अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है। फिलहाल यशस्वी जायसवाल और शेफाली दोनों के पास अपनी सफाई पेश करने का अवसर है और मामला शुरुआती स्तर पर ही है।

भारतीय क्रिकेट में बढ़ी चर्चा

इस घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट में एंटी-डोपिंग नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खासकर इसलिए क्योंकि दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के भविष्य माने जाते हैं और हाल के समय में लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। जायसवाल इस समय राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में खेल रहे हैं और टीम के सबसे अहम बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं।
वहीं शेफाली ने पिछले साल महिला विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हाल ही में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय महिला टीम के साथ टी20 सीरीज भी खेली थी। देखना होगा कि दोनों खिलाड़ी NADA के सामने क्या जवाब रखते हैं और आगे यह मामला किस दिशा में जाता है

पढ़ें :- IND vs JPN Live : टीम इंडिया ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, जापान करेगा पहले बल्लेबाजी
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...