1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. 170,000 साल का इंतजार खत्म! अप्रैल में दिखेगा दुर्लभ धूमकेतु

170,000 साल का इंतजार खत्म! अप्रैल में दिखेगा दुर्लभ धूमकेतु

Rare Interstellar, C/2025 R3 Comet : आसमान में घटने वाली कुछ अद्भुत घटनाएं इतनी असाधारण होती हैं कि जिन्दगी में केवल एक बार ही उन्हें देखने का मौका मिलता है। अब एक ऐसा ही खास और दुर्लभ नजारा हम सभी को तब देखने को मिलने वाला है, जब एक दुर्लभ खगोलीय इंटरस्टेलर धूमकेतु आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा।

By संतोष सिंह 
Updated Date

Rare Interstellar, C/2025 R3 Comet : आसमान में घटने वाली कुछ अद्भुत घटनाएं इतनी असाधारण होती हैं कि जिन्दगी में केवल एक बार ही उन्हें देखने का मौका मिलता है। अब एक ऐसा ही खास और दुर्लभ नजारा हम सभी को तब देखने को मिलने वाला है, जब एक दुर्लभ खगोलीय इंटरस्टेलर धूमकेतु आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा। यह घटना खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए खास तो हैं ही इसके साथ यह घटना आम लोगों के लिए किसी जादू से कम भी नहीं है। इस साल एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें C/2025 R3 (Pan-STARRS) नाम का इंटरस्टेलर धूमकेतु हमारे सौर मंडल से गुजर रहा है। इसे पहली बार 7 सितंबर 2025 को Pan-STARRS द्वारा Haleakala में खोजा गया था।

पढ़ें :- बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला, बोले- कांग्रेस का प्रधानमंत्री पर हमले इतिहास रहा है, वह बार-बार संवैधानिक पद का करती है अपमान

न्यूयॉर्क टाइम्स की खबरों के अनुसार, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह धूमकेतु लगभग 1,70,000 साल में एक बार सूर्य का चक्कर लगाता है। इसका मतलब है कि जब पृथ्वी पर प्रागैतिहासिक काल चल रहा था तब इसे आखिरी बार देखा गया होगा। इसलिए इसका मौजूदा वक्त में दिखना बेहद खास और दुर्लभ माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 10 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच इस धूमकेतु को देखने का सबसे अच्छा समय है क्योंकि इस दौरान यह धीरे-धीरे ज्यादा चमकीला होता जाएगा। 19 अप्रैल को यह सूर्य के सबसे करीब (Perihelion) होगा और 27 अप्रैल को सबसे ज्यादा चमकीला तथा पृथ्वी के सबसे करीब होगा लेकिन उस समय उत्तरी गोलार्ध में दिखाई नहीं देगा।

निक जेम्स (एक खगोलीय वैज्ञानिक/खगोलशास्त्री हैं, लेकिन वे पेशेवर खगोलशास्त्री होने के साथ-साथ एक स्पेस इंडस्ट्री इंजीनियर भी हैं) के अनुसार, इसे देखने के लिए सुबह सूर्योदय से करीब 1-2 घंटे पहले उठना होगा। इसके साथ पूर्व दिशा में साफ आसमान देखें और शहर की रोशनी से दूर अंधेरे और खुले स्थान पर जाएं। वर्तमान में यह धूमकेतु Pegasus तारामंडल में मौजूद है और ‘ग्रेट स्क्वायर ऑफ पेगासस’ (Great Square of Pegasus) के पास से होकर गुजर रहा है।

ऐसे पहचानें धूमकेतु

पढ़ें :- नीरज चोपड़ा–सुमित अंत‍िल की शिकायत पर PCI का बड़ा एक्शन, द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच नवल सिंह बर्खास्त, जानें पूरा मामला?

इस धूमकेतु को पहचानने के लिए उसके हल्के धुंधले चमक पर ध्यान देना होगा क्योंकि जैसे-जैसे यह सूर्य के करीब आएगा, इसकी छोटी पूंछ भी नजर आने लगेगी। इसे साफ-साफ देखने के लिए 10×50 बाइनोक्युलर जैसे उपकरण का उपयोग कर सकते हैं, हालांकि इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।

रिपोर्ट: सुशील कुमार साह

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...