Rare Interstellar, C/2025 R3 Comet : आसमान में घटने वाली कुछ अद्भुत घटनाएं इतनी असाधारण होती हैं कि जिन्दगी में केवल एक बार ही उन्हें देखने का मौका मिलता है। अब एक ऐसा ही खास और दुर्लभ नजारा हम सभी को तब देखने को मिलने वाला है, जब एक दुर्लभ खगोलीय इंटरस्टेलर धूमकेतु आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा।
Rare Interstellar, C/2025 R3 Comet : आसमान में घटने वाली कुछ अद्भुत घटनाएं इतनी असाधारण होती हैं कि जिन्दगी में केवल एक बार ही उन्हें देखने का मौका मिलता है। अब एक ऐसा ही खास और दुर्लभ नजारा हम सभी को तब देखने को मिलने वाला है, जब एक दुर्लभ खगोलीय इंटरस्टेलर धूमकेतु आसमान में चमकता हुआ नजर आएगा। यह घटना खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए खास तो हैं ही इसके साथ यह घटना आम लोगों के लिए किसी जादू से कम भी नहीं है। इस साल एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें C/2025 R3 (Pan-STARRS) नाम का इंटरस्टेलर धूमकेतु हमारे सौर मंडल से गुजर रहा है। इसे पहली बार 7 सितंबर 2025 को Pan-STARRS द्वारा Haleakala में खोजा गया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की खबरों के अनुसार, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह धूमकेतु लगभग 1,70,000 साल में एक बार सूर्य का चक्कर लगाता है। इसका मतलब है कि जब पृथ्वी पर प्रागैतिहासिक काल चल रहा था तब इसे आखिरी बार देखा गया होगा। इसलिए इसका मौजूदा वक्त में दिखना बेहद खास और दुर्लभ माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 10 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच इस धूमकेतु को देखने का सबसे अच्छा समय है क्योंकि इस दौरान यह धीरे-धीरे ज्यादा चमकीला होता जाएगा। 19 अप्रैल को यह सूर्य के सबसे करीब (Perihelion) होगा और 27 अप्रैल को सबसे ज्यादा चमकीला तथा पृथ्वी के सबसे करीब होगा लेकिन उस समय उत्तरी गोलार्ध में दिखाई नहीं देगा।
निक जेम्स (एक खगोलीय वैज्ञानिक/खगोलशास्त्री हैं, लेकिन वे पेशेवर खगोलशास्त्री होने के साथ-साथ एक स्पेस इंडस्ट्री इंजीनियर भी हैं) के अनुसार, इसे देखने के लिए सुबह सूर्योदय से करीब 1-2 घंटे पहले उठना होगा। इसके साथ पूर्व दिशा में साफ आसमान देखें और शहर की रोशनी से दूर अंधेरे और खुले स्थान पर जाएं। वर्तमान में यह धूमकेतु Pegasus तारामंडल में मौजूद है और ‘ग्रेट स्क्वायर ऑफ पेगासस’ (Great Square of Pegasus) के पास से होकर गुजर रहा है।
ऐसे पहचानें धूमकेतु
इस धूमकेतु को पहचानने के लिए उसके हल्के धुंधले चमक पर ध्यान देना होगा क्योंकि जैसे-जैसे यह सूर्य के करीब आएगा, इसकी छोटी पूंछ भी नजर आने लगेगी। इसे साफ-साफ देखने के लिए 10×50 बाइनोक्युलर जैसे उपकरण का उपयोग कर सकते हैं, हालांकि इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।
रिपोर्ट: सुशील कुमार साह