शादी के तीन साल बाद भी जब वह पिता नहीं बन सका, तो उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई , पिछले साल उसके पिता की भी मौत हो गई थी। इन सभी घटनाओं के लिए वह पड़ोस में रहने वाली विधवा पक्कू हेंब्रम को जिम्मेदार मानता था। उसका आरोप था कि महिला घर से निकलते समय उसे टोका-टाकी करती थी, जिससे उसका कोई भी काम सफल नहीं होता था. अपने घर बुलाया और लकड़ी के डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी...
झारखंड़: दुमका जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरसोल गांव में अंधविश्वास ने एक और जान ले ली। सोमवार देर शाम 55 वर्षीय विधवा पक्कू हेंब्रम की पड़ोस के युवक मुंशी टुडू ने डायन बताकर लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार सुबह जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि मुंशी टुडू की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। शादी के तीन साल बाद भी जब वह पिता नहीं बन सका, तो उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। पिछले साल उसके पिता की भी मौत हो गई थी। इन सभी घटनाओं के लिए वह पड़ोस में रहने वाली विधवा पक्कू हेंब्रम को जिम्मेदार मानता था।
मुंशी को शक था कि महिला डायन है और उसी की वजह से उसका परिवार बर्बाद हो गया। उसका आरोप था कि महिला घर से निकलते समय उसे टोका-टाकी करती थी, जिससे उसका कोई भी काम सफल नहीं होता था। कई बार मना करने के बावजूद जब महिला ने कथित तौर पर टोका-टाकी बंद नहीं की, तो मुंशी ने उसे मारने की योजना बना ली। सोमवार शाम उसने बहाने से महिला को अपने घर बुलाया और लकड़ी के डंडे से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
गांव की चौकीदार से सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भागने की कोशिश कर रहे आरोपी मुंशी टुडू को पकड़ लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाना प्रभारी लॉरेंसिया केरकेट्टा ने बताया कि मृतका की बेटी मकलू हांसदा के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।