1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने इशारों में BJP को दी खुली चुनौती, बोले-हम बोझ हैं तो बता दो, 2027 और 2029 के चुनाव में दिखा देंगे…’

पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने इशारों में BJP को दी खुली चुनौती, बोले-हम बोझ हैं तो बता दो, 2027 और 2029 के चुनाव में दिखा देंगे…’

भाजपा के पूर्व दिग्गज सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह (Former BJP MP Brij Bhushan Sharan Singh) बीजेपी सरकार के खिलाफ बागी तेवर अपनाए हुए हैं। उनका हालिया बयान से सियासत गरमा गई है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार के भागलपुर में आयोजित बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के मंच से अपनी ही सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली: भाजपा के पूर्व दिग्गज सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह (Former BJP MP Brij Bhushan Sharan Singh) बीजेपी सरकार के खिलाफ बागी तेवर अपनाए हुए हैं। उनका हालिया बयान से सियासत गरमा गई है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार के भागलपुर में आयोजित बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के मंच से अपनी ही सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भरे मन और चुनौती भरे लहजे में कहा कि आज सरकार की नजरों में उनका और उनके समाज का कोई अस्तित्व नहीं बचा है।

पढ़ें :- आज का भारत सिर्फ अपने सपने पूरे नहीं कर रहा बल्कि हर मित्र देशों के सपनों के है साथ: पीएम मोदी

अगर किसी को लगता है कि हम भार बन चुके हैं, तो बस एक बार कह दें…

अपनी वाणी को और तल्ख करते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने भरे मंच से कहा कि अगर किसी को लगता है कि हम भार बन चुके हैं, तो बस एक बार कह दें कि हमारी जरूरत नहीं है। चाहे 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव हो या 2029 का लोकसभा चुनाव, हम अपनी उपयोगिता साबित करके दिखा देंगे। उन्होंने क्षत्रिय समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए आत्ममंथन की सलाह भी दी। साथ ही नाराजगी जताते हुए कहा कि यह हमारी चुप्पी का नतीजा है कि आज हमें तवज्जो नहीं दी जा रही है।

संविधान केवल बाबा साहब ने नहीं बल्कि 242 सदस्यों वाली सभा ने बनाया था

पढ़ें :- Bankipur By-election: नितिन नबीन की सीट पर BJP ने अभिषेक कुमार को बनाया प्रत्याशी, प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता से होगा मुकाबला

उन्होंने इतिहास और संविधान निर्माण के श्रेय पर भी सवाल उठाए। बृजभूषण के अनुसार, संविधान केवल बाबा साहब ने नहीं बल्कि 242 सदस्यों वाली सभा ने बनाया था, जिसमें बिहार का सबसे बड़ा योगदान था जिसे भुला दिया गया। आजादी का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि ‘साबरमती के संत’ वाले नारे ने झांसी की रानी, कुंवर सिंह और बिरसा मुंडा जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को पर्दे के पीछे धकेल दिया।

‘अब समझाने का वक्त बीत चुका…’

अपने खिलाफ हुए विवादों को ‘विश्वव्यापी षड्यंत्र’ करार देते हुए उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविताओं और हनुमान चालीसा के जरिए अपना अटूट इरादा स्पष्ट किया। उन्होंने समाज से कहा कि अब समझाने का वक्त बीत चुका है। अब अपनी ताकत पहचानने और बल, बुद्धि, विद्या अर्जित करने का समय है। तलवार लेकर सम्मानित हुए पूर्व सांसद ने स्पष्ट कर दिया कि वीर कुंवर सिंह का अनुयायी झुकना नहीं जानता।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...