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Kindle E-reader : अमेज़न का फैसला- 2012 से पहले के किंडल अब नहीं करेंगे काम , जानें कैसे होगा अपग्रेड

अमेज़न 2012 या उससे पहलेजारी किए गए किंडल ई-रीडर और फायर टैबलेट को सपोर्ट करना बंद कर देगा , जिससे इन डिवाइसों से नई किताबें डाउनलोड करना, किंडल स्टोर का उपयोग करना या "सेंड टू किंडल" सेवा का उपयोग करना संभव नहीं होगा।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Kindle E-reader :  अमेज़न 2012 या उससे पहलेजारी किए गए किंडल ई-रीडर और फायर टैबलेट को सपोर्ट करना बंद कर देगा , जिससे इन डिवाइसों से नई किताबें डाउनलोड करना, किंडल स्टोर का उपयोग करना या “सेंड टू किंडल” सेवा का उपयोग करना संभव नहीं होगा। मौजूदा सामग्री उपलब्ध रहेगी, लेकिन इन डिवाइसों को फ़ैक्टरी रीसेट करने से ये अनुपयोगी हो जाएंगे। इसका असर करीब 20 लाख डिवाइसेज पर पड़ेगा। ‘मेट्रो’ की रिपोर्ट के अनुसार, लाखों Amazon Kindle डिवाइस कुछ ही हफ्तों में काम करना बंद करने वाले हैं और इसे किताबों के शौकीनों ने ‘बुरा सपना’ करार दिया है।

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इन डिवाइसों पर सपोर्ट खत्म हो जाएगा 

Kindle 1st Gen (2007)
Kindle DX और DX Graphite (2009–2010)
Kindle Keyboard (2010)
Kindle 4 और Kindle Touch (2011)
Kindle 5 (2012)
Kindle Paperwhite 1st Gen (2012)
Kindle Fire 1st Gen (2011), Fire 2nd Gen (2012), Fire HD 7 (2012), Fire HD 8.9 (2012)

क्या काम नहीं करेगा
यूजर्स पहले से डाउनलोड की गई ई-बुक्स पढ़ पाएंगे, लेकिन नये कंटेंट की खरीद या डाउनलोड संभव नहीं होगी। अगर कोई यूजर डिवाइस को डीरजिस्टर या फैक्ट्री रीसेट करता है, तो वह पूरी तरह बेकार हो जाएगा। Kindle Fire यूजर्स अब कंटेंट खरीद या डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।

 ऑफर
कंपनी ने कहा है कि पुराने डिवाइसेज को सपोर्ट करना अब संभव नहीं है क्योंकि हार्डवेयर और सिक्योरिटी लिमिटेशन हैं। Amazon प्रभावित यूजर्स को 20% डिस्काउंट और बुक क्रेडिट्स दे रही है, ताकि वे नये Kindle मॉडल्स पर अपग्रेड कर सकें।

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‘सॉफ्ट ब्रिकिंग’
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम सिक्योरिटी के लिहाज से सही है, लेकिन यूजर्स इसे ‘सॉफ्ट ब्रिकिंग’ (‘Soft Bricking’) मान रहे हैं। सॉफ्ट ब्रिकिंग (Soft Bricking) एंड्रॉयड या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की वह स्थिति है, जहां डिवाइस पूरी तरह चालू नहीं होता, लेकिन चालू होने के संकेत (जैसे लोगो, बूट लूप, या रिकवरी स्क्रीन) देता है।

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