1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. शादियां अब नहीं रही ‘लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप’, युवाओं में बढ़ा कोर्ट मैरिज का क्रेज

शादियां अब नहीं रही ‘लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप’, युवाओं में बढ़ा कोर्ट मैरिज का क्रेज

इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने अभी-अभी स्पष्ट किया है कि यदि दो व्यस्क आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) में रह रहे हो, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा, चाहे उन दोनो में से कोई एक पहले से शादीशुदा ही क्यों न हो। इसके साथ ही अदालत ने ये भी कहा कि सामाज की नैतिकता कभी कानून पर हावी नहीं हो सकती।

By santosh singh 
Updated Date

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने अभी-अभी स्पष्ट किया है कि यदि दो व्यस्क आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) में रह रहे हो, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा, चाहे उन दोनो में से कोई एक पहले से शादीशुदा ही क्यों न हो? इसके साथ ही अदालत ने ये भी कहा कि सामाज की नैतिकता कभी कानून पर हावी नहीं हो सकती। जबकि, और अन्य फैसलों में कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना तलाक के लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) में रहने पर पार्टनर को कानूनी सुरक्षा मिलने में मुश्किल हो सकती है।

पढ़ें :- UP Panchayat Election : यूपी पंचायत चुनाव 3 महीने में कराने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा प्रधान संगठन, कहा- अप्रैल 2027 से पहले कराना अंसभव

‘Truecasting’ का नया ट्रेंड : डेटिंग की दुनिया में अब ‘Truecasting’ का रूतबा है। सूत्रों के अनुसार, साल 2026 में सिंगल्स की प्रोफाइल में 100 प्रतिशत ईमानदारी देखने को मिल रही हैं जिससे उन्हें सही सा​थी मिल सके। लोग अब अपनी असली व्यक्तित्व को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चाओं को देखते हुए यह माना जा रहा है कि शादी अब एक पार्टनरशिप के अलावा “बिजनेस डील” (Business Deal) बनती जा रही है। खबरों के मुताबिक, आज के युवाओं के बीच शादी को लेकर डर बढ़ता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण है, मेट्रोपोलिटियन शहरों में घर की मांग और उच्च आय की उम्मीदें।

ऐसा माना जा रहा है कि भविष्य में लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) को जनगणना 2027 (Census 2027) में जगह मिल सकती है जिसमें स्थिर संबंधों में रहने वाले जोड़ों को भी विवाहित के रूप में गिना जा सकता है। इस कदम को पारंपरिक विवाह के प्रति बदलते सामाजिक दृष्टिकोण का संकेत माना जा रहा है।

रिपोर्ट : सुशील कुमार साह

पढ़ें :- UP Panchayat Elections 2026 : इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन माह में कराए यूपी पंचायत चुनाव

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...