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मुरादाबाद में टीचर BLO ने की आत्महत्या, मिला सुसाइड नोट में लिखा “रात-दिन काम करता रहा, SIR का टारगेट पूरा नहीं हुआ”

मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव जाहिदपुर सिकंदरपुर कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत थे. इस समय BLO की ड्यूटी निभा रहे थे. सर्वेश सिंह ने आत्महत्या से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखा,

By Sushil Singh 
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मुरादाबाद:- SIR का टारगेट पूरा नहीं करने की वजह से उत्तर प्रदेश में लगातार मौत के मामले सामने आ रहे है. मुरादाबाद जिले में भी एक BLO की मौत का मामला सामने आया है. भोजपुर थाना क्षेत्र के बहेड़ी गांव के रहने वाले अध्यापक सर्वेश सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने का कारण सर्वेश ने सुसाइड में लिखकर छोड़ा है. सुसाइड नोट में उन्होंने SIR (School Inspection Report) के दबाव और अत्यधिक कार्यभार को अपनी परेशानी की वजह बताया.

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मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव जाहिदपुर सिकंदरपुर कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत थे. इस समय BLO की ड्यूटी निभा रहे थे. सर्वेश सिंह ने आत्महत्या से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखा, जिसे उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम संबोधित किया. इस पत्र में उन्होंने SIR (School Inspection Report) के दबाव और अत्यधिक कार्यभार को अपनी परेशानी की वजह बताया.

बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम संबोधित पत्र में क्या कहां:-

सेवा में

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श्रीमान बेसिक शिक्षा अधिकारी

जिला निर्वाचन अधिकारी महोदय

विषय:- SIR गणना पत्रक का टारगेट पूर्ण ना होने हैं’ संबंध.

महोदय:- सक्रिय निवेदन हो कि गर्यो सर्वेत्र सिह सभ

कम्पोजिर दि जाहिद पुर में कार्यरत हो प्रार्थी 14 व 15 वर्ष में प्रथम बार 7 अम्टूबर BLO बूथ संख्या 406 पर नियुक्त किया गया. प्रार्थी को इसके विषय में पूर्ण ज्ञान नही होने के कारण समय रहते कपना रारगेट नही कर पा रहा हैं. प्रार्थी रात दिन भर कड़ी मेहनत करने के बाद  रात को मात्र 2 से 3 घन्टे भी नही सो पा रहा हूं. प्रार्थी की चार छोटी बेटियां है. इनमे 2 छोटी बेटी की कई दिनो से तबियत खराब है. प्रार्थी बहुत परेशान है और मानसिक सन्तुलन खराब है. जिससे प्रार्थी को आत्मघाती कदम उठाना पड़ रहा हो, इसकी पूर्ण जिम्मेदारी मेरी है.इसका दोषी पूर्ण रूप से प्रार्थी ही है. हमने मेरे परिवार का कोई दोष नही. मेरे परिवार ने तो मेरा होसला बहुत बढ़ाया में हार गया. मेरे ना होने के बाद मेरे किसी भी व्यक्ति पर कोई दोष नही लागू नहीं होना चाहिए. कहने को के बहुत कुछ बाकी है. समय बहुत कम है मुझे माफ करना मेरे विद्यालय के बच्चों को मेरा बहुत प्यार देना धन्यवाद मुझे क्षमा करना.

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परिवार के सदस्यों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार सर्वे और रिपोर्टिंग के बोझ ने आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए.

 

सुशील कुमार सिंह

मुरादाबाद

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