1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Shani Jayanti 2026 : शनैश्चरी अमावस्या पर करें शनि देव का अभिषेक, 13 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

Shani Jayanti 2026 : शनैश्चरी अमावस्या पर करें शनि देव का अभिषेक, 13 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग

न्याय के देवता शनि महराज ​सभी के कर्मों का हिसाब रखते है और न्याय करते है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनि देव की जयंती मनायी जाती है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

shani jayanti 2026 :  न्याय के देवता शनि महराज ​सभी के कर्मों का हिसाब रखते है और न्याय करते है। ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनि देव की जयंती मनायी जाती है। इस वर्ष 16 मई को शनिवार को मनाई जाएगी। यह दिन शनि देव के जन्मदिन के रूप में विशेष माना जाता है और 13 साल बाद शनिवार को पड़ने वाला दुर्लभ योग बन रहा है। यह दिन शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली के अन्य शनि दोषों के निवारण के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। 2026 की इस अमावस्या पर शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन वट सावित्री व्रत का भी संयोग बन रहा है।

पढ़ें :- Nanda Devi Roopkund Himalaya : 'देवभूमि की अधिष्ठात्री देवी मां नंदा ने रूप कुंड में देखा था अपना प्रतिबिंब , जानें रहस्यमयी झील की कहानी

शनैश्चरी अमावस्या
धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शनि देव का जन्म हुआ था। इस वजह से इसे शनि अमावस्या या शनैश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है।

अमावस्या तिथि आरंभ: 16 मई 2026, सुबह 04:12 बजे से
अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026, रात 01:31 बजे तक

शनि दोष से मुक्ति
पितृ तर्पण: अमावस्या पितरों की शांति के लिए समर्पित होती है। इस दिन दान और श्राद्ध कर्म करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

पीपल पूजा: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें।
मंत्र जाप: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।
दान: काले कपड़े, काले जूते, लोहा, छाता, काले तिल और उड़द की दाल का दान जरूरतमंदों को करें।
पशु सेवा: काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाना शुभ माना जाता है।

पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal 07 May: इन राशि के लोगों की आज नई योजनाएं बनेंगी, पढ़ाई और करियर के लिए है अच्छा समय

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...