1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. सुहागरात पर Virginity Test से नाराज महिला पहुंची कोर्ट, ससुरावालों ने अपनाया अमानवीय तरीका

सुहागरात पर Virginity Test से नाराज महिला पहुंची कोर्ट, ससुरावालों ने अपनाया अमानवीय तरीका

देश में  आए दिन ससुराल में बहु को प्रताड़ित करने के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में जो मामला सामने आया है। वह समाज की रूढ़िवादी सोच और मानसिकता को उजागर कर दिया है। इंदौर के बाणगंगा इलाके में रहने वाली एक युवती ने शादी की पहली रात वर्जिनिटी चेक (Virginity Check) करने की कुप्रथा के खिलाफ अदालत का सहारा लिया है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

इंदौर। देश में  आए दिन ससुराल में बहु को प्रताड़ित करने के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में जो मामला सामने आया है। वह समाज की रूढ़िवादी सोच और मानसिकता को उजागर कर दिया है। इंदौर के बाणगंगा इलाके में रहने वाली एक युवती ने शादी की पहली रात वर्जिनिटी चेक (Virginity Check) करने की कुप्रथा के खिलाफ अदालत का सहारा लिया है। दरअसल एमपी की एक महिला ने कानून का दरवाजा खटखटाते हुए एक शिकायत दर्ज कराई है, कि उसके ससुरालवालों ने उसकी शादी की रात ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ (Virginity Test) करने की कोशिश की। इस मामले ने न केवल महिला के साथ हुए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न को उजागर किया, बल्कि इस घिनौनी प्रथा पर भी कानूनी संज्ञान लिया गया है।

पढ़ें :- लखनऊ-देवरिया-सुल्तानपुर-गोंडा में पेट्रोल पंपों पर भीड़, अफवाह से मची अफरा-तफरी उत्तर प्रदेश। गोरखपुर DM और SSP सड़क पर उतरें

सुहागरात में ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ की कोशिश

महिला ने अदालत में बताया कि उसके ससुरालवालों ने शादी के बाद, खासकर शादी की रात, उसकी ‘वर्जिनिटी’ की जांच (Virginity Test)  करने की कोशिश की। आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत यह देखा जाता है कि महिला पहले किसी के साथ इंटिमेट रही है या नहीं। इस प्रथा को लेकर महिला को गहरे मानसिक और शारीरिक आघात का सामना करना पड़ा। महिला की शिकायत पर अदालत ने ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। यह राज्य में पहला ऐसा मामला है, जहां ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ पर कानूनी रूप से चुनौती दी गई है।

महिला ने बयां किया दर्द, ससुरालवालों ने वर्जिनिटी टेस्ट के लिए अपनाए अनुचित तरीके

पीड़िता की शादी दिसंबर 2019 में भोपाल के एक शख्स से हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद उसे मिसकैरेज का सामना करना पड़ा, और फिर, नौ महीने बाद उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। हालात और भी बिगड़े, जब उसे शादी की रात इस तरह की घिनौनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) के एक जांच अधिकारी की गोपनीय रिपोर्ट से यह सामने आया कि ससुरालवालों ने पीड़िता के वर्जिनिटी टेस्ट (Virginity Test)  के लिए अनुचित तरीके अपनाए थे, जिससे उसे गंभीर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

पढ़ें :- 'क्या राहुल गांधी को आरक्षण वाले सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं...' निशिकांत दुबे ने सोनिया के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती होने पर कसा तंज

अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया से गुजरेगा और ऐसी कुरीतियों को समाप्त करने का समाज में जाएगा संदेश

यह मामला न केवल एक महिला के साथ हुए अत्याचार को उजागर करता है, बल्कि समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और मानसिकता को भी चुनौती देता है। अदालत ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया से गुजरेगा, जिससे ऐसी कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश समाज में जाएगा। अदालत ने इस मामले को महिला उत्पीड़न का गंभीर मामला मानते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है। यह मामला ना सिर्फ महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी है। इंदौर की जिला कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए युवती के ससुरालवालों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

मानसिक प्रताड़ना देते हुए 2 लाख रुपये दहेज की मांग की

पीड़िता के एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि पहली रात के अगले ही दिन युवती की वर्जिनिटी (Virginity)  पर सास ने सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि सुहागरात के अगले दिन पीड़िता की सास ने पड़ोस की लड़की को बुलाकर पूछा कि बेडशीट पर खून के छींटे क्यों नहीं पड़े? इस आधार पर सास ने अपनी बहू की वर्जिनिटी (Virginity) को लेकर सवाल उठाए। आए दिन उसकी मानसिक प्रताड़ना करते हुए उससे दो लाख रुपये के दहेज की मांग करने लगे।

कृष्ण कुमार ने आगे बताया कि पीड़िता की हालत खराब होने लगी। इस दौरान उसका तीन महीने में पहली बार गर्भपात हुआ। अगली बार उसने बच्ची को जन्म दिया जिसकी 9 महीने 9 दिन के बाद सांसें थमने से मौत हो गई। वकील ने दावा किया कि ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ (Virginity Test)  की प्रथा को कानूनी रूप से चुनौती दी गई है।

पढ़ें :- वित्तीय वर्ष समाप्त होने में छह दिन शेष, 40 फीसदी नहीं खर्च हो पाया बजट , एक कार्यदिवस में पूरा बजट इस्तेमाल करना विभागों के लिए बना टेढ़ी खीर

कोर्ट ने ससुरालवालों के खिलाफ मामला दर्ज किया

महिला ने तीसरी बार भी बेटी की जन्म दिया। आरोप है कि इसके बाद युवती को घर से निकाल दिया गया क्योंकि ससुरालवाले बेटा चाहते थे। पीड़िता के सास, ससुर, पति और देवर के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...