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Seven year old girl dies heart attack: बागपत में सात साल की बच्ची की खेलते खेलते हार्ट अटैक से मौत

उत्तर प्रदेश के बागपत कोतवाली क्षेत्र के सरुरपुर कलां गांव के विद्यालय में गुरुवार को खेलते खेलते सात साल की मासूम बच्ची की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के बिजरौली गांव निवासी संदीप की सात साल की बेटी अपेक्षा अपनी मां केसाथ अपने नाना के घर रहती थी।

By प्रिन्सी साहू 
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Seven year old girl dies heart attack: उत्तर प्रदेश के बागपत कोतवाली क्षेत्र के सरुरपुर कलां गांव के विद्यालय में गुरुवार को खेलते खेलते सात साल की मासूम बच्ची की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के बिजरौली गांव निवासी संदीप की सात साल की बेटी अपेक्षा अपनी मां केसाथ अपने नाना के घर रहती थी। वह पिछले दो सालों से नाना के पास रहकर गांव के योगीनाथ विद्यापीठ पब्लिक स्कूल में कक्षा एक में पढ़ती थी। गुरुवार सुबह अपेक्षा अपने साथ की छात्राओं के साथ स्कूल गई थी।

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बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वह स्कूल प्रांगण में साथ खेल रही थी, इस दौरान अपेक्षा के सीने में तेज दर्द होने लगा और वह गिर गई। तभी उसका मामा वहां पहुंचा और शिक्षकों के साथ अपेक्षा को बड़ौत के एक अस्पताल ले गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत का प्रारंभिक कारण हार्ट अटैक बताया है।सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरुरपुर कलां गांव के योगीनाथ विद्यापीठ में अपेक्षा के मामा के बच्चे पढ़ते है। गुरुवार को जिस समय अपेक्षा अचेत होकर जमीन पर गिरी। उसका मामा भी उसे नहीं पहचान पाया। जब तक उसे पता चला कि यह तो उसकी की भांजी है, तब तक बहुत देर चुकी थी। अपेक्षा सरुरपुर कलां गांव के योगीनाथ विद्यापीठ स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी।

इसी स्कूल में उसके मामा पिंटू नैन के बच्चे भी पढते है। गुरुवार की सुबह साढ़े 11 बजे वह अपने बच्चों की फीस जमा कराने के लिए स्कूल पहुंचा था। जैसे ही वह अपने बच्चों की फीस जमा कराने लगा, तभी सूचना मिली कि कोई बच्ची स्कूल प्रांगन में बेहोश हो गई।

इस सूचना के मिलते ही स्कूल के सभी शिक्षक मौके की ओर दौड़ पड़े। कुछ देर बाद मामा पिंटू भी बच्ची को देखने के लिए पहुंचा। बच्ची को देखकर उसके होश उड़ गए। आनन फानन में उसे उपचार के लिए बड़ौत के अस्पताल में ले गया,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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