नई दिल्ली। अभी तक मां के दूध को नवजात के जीवन की सबसे सुरक्षित और पवित्र पोषण की शुरुआत माना जाता है, अगर उसी में जहर घुल जाए तो क्या होगा? जी हां बिहार में हुए रिसर्च में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। बिहार के कुछ जिलों में
नई दिल्ली। अभी तक मां के दूध को नवजात के जीवन की सबसे सुरक्षित और पवित्र पोषण की शुरुआत माना जाता है, अगर उसी में जहर घुल जाए तो क्या होगा? जी हां बिहार में हुए रिसर्च में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। बिहार के कुछ जिलों में
फलों में फाइबर और पानी की एक सुरक्षा परत होती है और पॉलीफेनॉल एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनरल्स भी भरपूर होते हैं। फ्रंटियर इन एंडोक्राइनोलॉजी में प्रकाशित समीक्षा बताती है कि साबुत और ताजे फल खाने से डायबिटीज मरीजों में ब्लड ग्लूकोज काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, फलों
कॉमेडियन भारती सिंह किसी पहचान की मौहताज नहीं हैं। उनकी गिनती देश की मशहूर कॉमेडियन्स की लिस्ट में की जाती है। उन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया है। इसके अलावा वो बॉडी शेमिंग का भी शिकार बनीं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वेट लॉस करके लोगों को न
माइग्रेन को एक न्यूरोलॉजिकल समस्या माना गया है, जिसमें सिर के एक तरफ तेज, धमक के साथ दर्द, तेज रोशनी, आवाज या तेज खुशबू से परेशानी होना, मितली या उल्टी होना, इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं। आमतौर पर तेज सिरदर्द की यह समस्या किसी ट्रिगर की वजह से ही शुरू
हल्दी वाला दूध हर मर्ज का इलाज है. इस जादुई पीले दूध से सब ठीक हो जाता है. मजे की बात ये है कि आज वही देसी हल्दी वाला दूध विदेशों में ‘गोल्डन मिल्क’ के नाम से छाया हुआ है। अब ये सिर्फ दादी-नानी की रसोई तक सीमित नहीं रहा
बालों की समस्या आम बन चुका है। आज कल मोस्टली लोग इस प्रॉबलम से जूझ रहे हैं । बालों का तेजी से गिरना, उनका रूखापन और कम उम्र में सफेद होना… इन सभी परेशानियों के पीछे अक्सर एक ‘खामोश खलनायक’ होता है। जी हां- विटामिन B12 की कमी (B12 Deficiency)।
इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग गलत खान-पान और तनाव के कारण दिल की बीमारियों का खतरा एक भयानक चुनौती बन गया है। हम अक्सर विदेशी दवाइयो और महंगे समान पर भरोसा करते हैं लेकिन ये नहीं ध्यान देते हैं कि कुछ ऐसे चीज़ हैं जो हमे किचन में उपलब्ध
Vitamin Deficiency : सर्दियों का मौसम जहां कुछ लोगों के लिए लुत्फ उठाने वाला होता है तो वहीं कुछ लोगों को इस मौमस में जरुरत से अधिक ठंड़ लगती है। अधिक ठंड़ लगने के कई कारण हो सकते सकते है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ ऐसे विटामिन्स हैं, जिनकी कमी
Guava Health Benefits : स्वाद से भरे अमरूद सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। अक्सर लोग इनका सेवन करते है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए डाइट में फलों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। अमरूद में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर,
डायबिटीज (Diabetes) आज कल लगभग हर घर में एक सदस्य को रहता है। पिछले कुछ दशकों में भारत में इसके मामले काफी तेजी से बढ़ हैं खराब जीवनशैली, गलत खान-पान और तनाव के कारण यह बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों में नहीं, बल्कि 40 से कम उम्र के लोगों को भी
सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है । ऐसे में सब लोग रजाई कंबल से बाहर नहीं निकलना चाहते। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें जरूरत से ज्यादा ठंड लगती है। ऐसे में क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। कुछ लोग इसे मौसम में बदलाव
Chestnuts : पानी में उगने वाले पौधों में पाया जाने वाला चमत्कारी फल सिंघाड़ा पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। अंग्रेजी में इसे Water Chestnut कहा जाता है, लेकिन ये वास्तव में नट यानी सूखा मेवा नहीं होता, बल्कि एक जलीय फल है जो कीचड़ भरी खेतों में उगता है। इसमें
केला को सेहत का खजाना माना जाता है । केला और मसालों के डिब्बे में रखी चुटकी भर काली मिर्च- जी हां, यह कॉम्बिनेशन भले ही आपको अजीब लग रहा हो, मगर इसके फायदे जानकर आप भी इसे खाने से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन जब इन दोनों को सही मात्रा
मेलाटोनिन हार्मोन [Melatonin Hormone] आजकल नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक आम समाधान बन गया है। बाजार में यह गोलियों या गमीज के रूप में आसानी से मिलती हैं और कई लोग इसे बिना चिकित्सक के सलाह से खाने लगते हैं। वहीं पर सवाल
नई दिल्ली। श्रीलंकाई क्रिकेट टीम (Sri Lankan Cricket Team) के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा (Former captain Arjuna Ranatunga) की हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर इन दिनों खूब चर्चा में बनी हुई है। वह एक दम से बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। अपने खेल के दिनों की