नई दिल्ली। गर्मी में शरीर के साथ-साथ स्किन को भी ठंडक और हाइड्रेशन की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ फल आपकी स्किन को अंदर से ठंडा और हेल्दी बनाए रखते हैं। तरबूज तरबूज गर्मियों का सबसे बेहतरीन फल माना जाता है। इसमें लगभग 90% पानी होता है, जो शरीर
नई दिल्ली। गर्मी में शरीर के साथ-साथ स्किन को भी ठंडक और हाइड्रेशन की जरूरत होती है। ऐसे में कुछ फल आपकी स्किन को अंदर से ठंडा और हेल्दी बनाए रखते हैं। तरबूज तरबूज गर्मियों का सबसे बेहतरीन फल माना जाता है। इसमें लगभग 90% पानी होता है, जो शरीर
Healthy Diet : अगर आप अपनी इम्यूनिटी मजबूत रखना चाहते हैं और बार-बार बीमार पड़ने से बचना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में आज ही इन 5 चीजों को करें। आइए हर एक को विस्तार से समझते हैं। प्रोटीन युक्त भोजन प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व
Sweet and Sour Kadhi : गर्मियों की तेज धूप में हल्का और ठंडक देने वाला खाना खाने का मन करता है। ऐसे में कच्चे आम की खट्टी-मीठी कढ़ी एक परफेक्ट ऑप्शन है। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि पेट को ठंडक देती है और खाने का मज़ा
Health Tips : हमारी रसोई में प्याज और लहसुन (Onions and Garlic) का इस्तेमाल इतना आम है कि इनके बिना खाना अधूरा लगता है, लेकिन अगर आप एक महीने के लिए इन्हें पूरी तरह छोड़ दें, तो शरीर में कुछ दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ अच्छे, तो
Gond Katira : गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना बेहद ज़रूरी हो जाता है। ऐसे मौसम में सही खान-पान आपकी सेहत को संतुलित बनाए रखता है। गोंद कतीरा एक पारंपरिक देसी सुपरफूड है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से गर्मी से राहत पाने के लिए किया
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में आज ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने इस मौके को खास बनाने के लिए बच्चों और महिलाओं की सेहत से जुड़ी दो प्रमुख बड़ी योजनाएं शुरू की हैं। दिल्ली के स्कूलों में टीका अभियान: दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों
Satuwai Amavasya 2026: धार्मिक मान्यतानुसार वैशाख माह की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने के पीछे मुख्य कारण इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होना है। इस दिन सत्तू का दान करना और उसका सेवन करना बहुत शुभ माना जाता है। 17 अप्रैल 2026 वैशाख या सतुवाई अमावस्या मनाई जा जाएगी
Motion Sickness : यात्रा करना जरूरी भी है और जरूरत भी। सफर के दौरान उल्टी, चक्कर या बेचैनी का होना दुखदायी बन जाता है। चिकित्सा की भाषा में इसे मोशन सिकनेस (Motion Sickness) कहते हैं और हर तीन में से एक व्यक्ति इससे कभी न कभी प्रभावित होता है। मोशन
नई दिल्ली। स्वास्थ्य परामर्शदाताओं ने कोरोना वायरस के एक नए मामले को लेकर गंभीर चेतावनी जारी किया है। बताया जा रहा है कि कोरोना का घातक वैरिएंट ‘सिकाडा’ (Cicada Variant) विशेष रूप से बच्चों को अपना निशाना बना रहा है। सबसे बड़ा चिंता का विषय यह है कि यह उन
नई दिल्ली। आज के दौर में फिट रहना एक जरूरत के साथ-साथ ट्रेंड भी बन गया है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले ट्रांसफॉर्मेशन लोगों को जल्दी वजन घटाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसी जल्दबाज़ी में कई लोग healthy eating छोड़कर crash dieting अपनाने लगते हैं। Crash Dieting क्या है
Eye Protection During Changing Weather : बदलते मौसम में आंखों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। गर्मी का सीजन शुरू होते ही आंखों को धूप से बचाव के लिए यूवी-ब्लॉकिंग सनग्लास, हवा/धूल से बचाव के लिए रैपअराउंड फ्रेम और शुष्क हवा में लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स काउपयोग करना शामिल है।
नई दिल्ली/मुंबई: हाल ही के मेडिकल रिसर्च और एक्सपर्ट्स की चेतावनियों ने पुरुषों की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिज्जा, बर्गर और चिप्स जैसे अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन पुरुषों में बांझपन (Infertility) का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।
Moringa Benefits : आज की लाइफस्टाइल में हर व्यक्ति एक ऐसे प्राकृतिक उपाय की तलाश में है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाए और बीमारियों से बचाए। ऐसे में मोरिंगा (सहजन) के पत्ते एक शक्तिशाली सुपरफूड के रूप में उभरकर सामने आए हैं। मोरिंगा ओलिफ़ेरा, जिसे स्थानीय तौर पर
Healthy Eyes Superfoods : आजकल खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते डिजिटल प्रभाव के कारण आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। आँखों के लिए ज़रूरी विटामिन कोई महँगी गोलियाँ नहीं हैं; ये अक्सर वही बेहतरीन सब्जियाँ होती हैं जिन्हें आप हर रोज़ अपने खाने में शामिल करते हैं। ये खाद्य पदार्थ चुपचाप,
अलीगढ़। यूपी में भूजल की गुणवत्ता पर CSIR-IITR की रिपोर्ट में चौंकाने वाले ताजा आंकड़े गंभीर चेतावनी दे रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में पीने के पानी में फ्लोराइड, आर्सेनिक, नाइट्रेट और यहां तक कि यूरेनियम (Uranium) जैसे तत्व निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए हैं। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक